Ranchi : नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित होने के साथ ही राजनीतिक मैदान पूरी तरह सज गया है। अब तक दफ्तरों और बैठकों तक सीमित रहने वाले उम्मीदवार आज यानी रविवार से सीधे जनता के बीच उतरने लगेंगे। शहर से लेकर कस्बों तक चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। गली-मोहल्लों में पोस्टर, बैनर और झंडे लगने शुरू हो गए हैं, जबकि लाउडस्पीकर से नारे और प्रचार गूंजने लगा है। प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंककर ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने में जुट गए हैं।
घर-घर संपर्क और नुक्कड़ सभाओं की तैयारी
चुनाव चिन्ह मिलने के बाद अब घर-घर जाकर संपर्क, नुक्कड़ सभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर प्रचार तेज हो गया है। मेयर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवार अपने-अपने इलाकों में समीकरण साधने में लगे हैं। कौन-सी गली में कितने वोट हैं, कौन-सा मोहल्ला निर्णायक साबित हो सकता है- इसका बारीकी से हिसाब लगाकर प्रचार की रणनीति तैयार की जा रही है। प्रत्याशियों को भरोसा है कि इस बार जनता उन्हें ही मौका देगी।
ई-रिक्शा और ऑटो बने प्रचार के प्रमुख साधन
इस बार बड़े वाहनों की बजाय ई-रिक्शा और ऑटो को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। इन छोटे वाहनों की खासियत है कि ये तंग गलियों और आवासीय इलाकों में आसानी से पहुंच जाते हैं। कम खर्च और व्यापक पहुंच के कारण ये प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन गए हैं। एक ई-रिक्शा या ऑटो पूरे दिन के लिए 800 से 1500 रुपये में बुक किया जा रहा है, जिस पर लाउडस्पीकर लगाकर दिनभर प्रचार चलाया जा रहा है।
बोर्ड परीक्षाओं के बीच लाउडस्पीकर से बढ़ी परेशानी
चुनावी प्रचार तेज होते ही एक तरफ उत्साह है, तो दूसरी तरफ स्कूलों में चल रही बोर्ड और अन्य परीक्षाओं के छात्रों के लिए चुनौती भी खड़ी हो गई है। गली-मोहल्लों में बजने वाले लाउडस्पीकर छात्रों और अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय, जब बच्चे पढ़ाई और रिवीजन पर फोकस करते हैं, तब प्रचार का शोर चिंता बढ़ा रहा है। कई अभिभावकों ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है और शांतिपूर्ण प्रचार की मांग की है।
पंपलेट-कार्ड छपाई में भारी भीड़
चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रचार सामग्री की छपाई में तेजी आ गई है। प्रिंटिंग प्रेसों में पंपलेट, हैंडबिल और प्रचार कार्ड छपवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रेस संचालकों के अनुसार पिछले 48 घंटों में ऑर्डर कई गुना बढ़ गए हैं। छोटे वार्डों से लेकर नगर निगम क्षेत्रों तक प्रत्याशी हजारों-हजारों की संख्या में पंपलेट और कार्ड छपवा रहे हैं, ताकि हर घर तक अपनी पहचान पहुंचाई जा सके।
जनता के दरवाजे पर चुनावी जंग
कुल मिलाकर, चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ ही नगर निकाय चुनाव की जंग अब पूरी तरह जनता के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। हर गली, हर मोहल्ला और हर वोट की अहमियत बढ़ गई है। आने वाले दिनों में प्रचार और तेज होगा, जिससे शहर की सड़कों से लेकर संकरी गलियों तक चुनावी रंग गहराता नजर आएगा।
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