Dhanbad : झारखंड का सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक तकनीकी संस्थान बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) सिंदरी इस समय गंभीर शैक्षणिक संकट से गुजर रहा है। देश का आज़ादी के बाद स्थापित पहला सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज आज शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि करीब 4,500 छात्रों की पढ़ाई सिर्फ 115 शिक्षकों के भरोसे चल रही है।
बीआईटी सिंदरी में शिक्षकों के लिए कुल 306 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में इनमें से 191 पद खाली पड़े हैं। संस्थान में अभी केवल 83 नियमित शिक्षक, 25 कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर और 7 नीड-बेस्ड फैकल्टी कार्यरत हैं। शिक्षकों की इस कमी का सीधा असर क्लासरूम टीचिंग, लैब वर्क, रिसर्च और छात्रों के एकेडमिक गाइडेंस पर पड़ रहा है। कई विभागों में एक ही शिक्षक को एक साथ कई विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
ऐतिहासिक संस्थान, लेकिन हालात चिंताजनक
बीआईटी सिंदरी का इतिहास देश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में गौरवपूर्ण रहा है। यह संस्थान आईआईटी खड़गपुर से भी पहले अस्तित्व में आया था और लंबे समय तक संयुक्त बिहार की शैक्षणिक पहचान रहा। यहां से पढ़े छात्र देश-विदेश में वैज्ञानिक, शिक्षाविद, टेक्नोक्रेट और प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। बावजूद इसके, आज यह संस्थान फैकल्टी संकट का सामना कर रहा है।
सीटें बढ़ीं, शिक्षक नहीं
साल 2023 में बीआईटी सिंदरी में बीटेक सीटों की संख्या 680 से बढ़ाकर 1125 कर दी गई, यानी करीब 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी। इसके साथ ही एमटेक और पीएचडी प्रोग्राम्स का भी लगातार विस्तार हुआ। हालांकि, छात्रों की संख्या बढ़ने के बावजूद शिक्षकों के स्वीकृत पदों में कोई वृद्धि नहीं की गई, जिससे मौजूदा फैकल्टी पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
जेपीएससी के जरिए होती है नियुक्ति
बीआईटी सिंदरी में शिक्षकों की नियुक्ति झारखंड पब्लिक सर्विस कमिशन (जेपीएससी) के माध्यम से होती है। आखिरी बार वर्ष 2023 में 20 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। संस्थान की ओर से बार-बार सरकार को रिक्त पदों की जानकारी दी गई है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया की धीमी गति से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
नए कॉलेजों का भी पड़ा असर
राज्य में नए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के खुलने से भी बीआईटी सिंदरी प्रभावित हुआ है। पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 15 शिक्षक, चंदनकियारी के लिए 2, गोड्डा के लिए 3 और झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के लिए 3 शिक्षकों का ट्रांसफर बीआईटी सिंदरी से किया गया, जिससे पहले से कम फैकल्टी स्ट्रेंथ और घट गई।
सरकार को भेजी गई रिपोर्ट
बीआईटी सिंदरी प्रशासन ने शिक्षकों की स्थिति को लेकर झारखंड सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। इसके आधार पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने जेपीएससी को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
बीआईटी सिंदरी के निदेशक डॉ. पंकज राय ने कहा कि जल्द ही इस दिशा में ठोस पहल की जाएगी और संस्थान को पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे।
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