Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»क्राइम»चलती पिकअप वैन में युवती का रेप किया था, अब अदालत ने सुनाई 20 साल कैद की सजा
    क्राइम

    चलती पिकअप वैन में युवती का रेप किया था, अब अदालत ने सुनाई 20 साल कैद की सजा

    Joharlive NetworkBy Joharlive NetworkJuly 20, 2026Updated:July 20, 2026No Comments4 Mins Read5
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    जोहार लाइव ब्यूरो

    सात साल पहले चलती पिकअप वैन में युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रांची की न्यायिक आयुक्त अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 की अदालत ने पलामू निवासी दीपक कुमार महतो (ड्राइवर) और गुड्डू कुमार चौहान उर्फ छोटू (खलासी) को भारतीय दंड संहिता की धारा 376D के तहत दोषी करार देते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है. जुर्माना नहीं देने पर दोनों को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. अदालत ने यह भी आदेश दिया कि वसूली गई जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी. साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को भी पीड़िता को उचित क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

    क्या था पूरा मामला?

    अदालत में पेश रिकॉर्ड के अनुसार, घटना 10 जनवरी 2019 की है. पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि सौतेली मां से विवाद होने के बाद वह घर छोड़कर डालटनगंज बस स्टैंड पहुंची थी. रांची जाने के लिए बस नहीं मिलने पर वह एक बोलेरो पिकअप में बैठ गई. रांची पहुंचने के बाद उसने वापस डालटनगंज जाने की इच्छा जताई, लेकिन ड्राइवर और खलासी ने उसे पूरे दिन वाहन में ही बैठाए रखा.

    रात करीब 10 बजे दोनों आरोपी उसे सुनसान स्थान पर ले गए. आरोप है कि उसके हाथ-पैर और मुंह बांध दिए गए और फिर दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया. वारदात के बाद उसे सड़क पर छोड़कर फरार हो गए. किसी अन्य वाहन चालक की मदद से पीड़िता पीसीआर वाहन तक पहुंची, जिसके बाद उसे महिला थाना ले जाया गया और मामला दर्ज हुआ.

    पीड़िता की गवाही बनी सबसे मजबूत कड़ी

    सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि पीड़िता ने अपने फर्दबयान, मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिए गए बयान और अदालत में दर्ज गवाही में लगातार एक जैसी बात कही. जिरह के दौरान भी उसके बयान में ऐसा कोई विरोधाभास नहीं मिला जिससे उसकी विश्वसनीयता पर संदेह किया जा सके.

    अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि यौन अपराध के मामलों में यदि पीड़िता की गवाही भरोसेमंद और सुसंगत हो तो केवल उसी के आधार पर दोष सिद्ध किया जा सकता है. इस मामले में पीड़िता की गवाही पूरी तरह विश्वसनीय पाई गई.

    मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने मजबूत किया केस

    सदर अस्पताल की महिला चिकित्सक ने मेडिकल जांच में पीड़िता के शरीर पर हालिया यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने की पुष्टि की. जांच में शरीर के संवेदनशील हिस्सों में सूजन और चोट के निशान पाए गए. डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में इसे हालिया यौन हमले का मामला बताया.

    वहीं फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में दोनों आरोपियों के अंडरवियर पर वीर्य मिलने की पुष्टि हुई. पीड़िता के कपड़ों पर खून के निशान भी मिले. हालांकि पीड़िता की पैंटी पर वीर्य नहीं मिला, लेकिन अदालत ने माना कि इससे पूरे मामले पर कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि अन्य वैज्ञानिक और मौखिक साक्ष्य अभियोजन की कहानी की पुष्टि करते हैं.

    जांच अधिकारी ने घटना वाले दिन कोकर चौक और लालपुर चौक के CCTV फुटेज हासिल किए. फुटेज में वही बोलेरो पिकअप दिखाई दी, जिसका नंबर JH-03P-5989 था. जांच के दौरान यह भी पता चला कि वाहन अखबार ढुलाई में इस्तेमाल होता था और घटना के समय दीपक महतो उसका चालक तथा गुड्डू कुमार चौहान उसका खलासी था. पुलिस ने उसी रात वाहन बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने माना कि CCTV, वाहन की बरामदगी और गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया अभियोजन के पक्ष को मजबूत करती है।

    अदालत ने क्या कहा?

    सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म जैसा अपराध केवल एक महिला के सम्मान पर हमला नहीं है, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध है. ऐसे मामलों में कठोर सजा जरूरी है ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगे.

    फैसले के समय एक आरोपी गुड्डू कुमार चौहान अदालत में उपस्थित नहीं था. उसकी जमानत पहले ही रद्द कर दी गई थी और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था. अदालत ने उसकी अनुपस्थिति के बावजूद समान सजा सुनाई. वहीं मौजूद आरोपी दीपक कुमार महतो को अदालत से सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. दोनों को अब 20 साल के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी, जबकि ट्रायल के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा.

    प्रसूता मौत मामले में भाजपा ने कहा, डीजीपी ने सांसद तक का फोन नहीं उठाया

    अपराध बीस साल बाद न्याय
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleझारखंडः 41 इंस्पेक्टरों का हुआ तबादला, जानिये किसको कहां मिली पोस्टिंग
    Next Article झारखंडः कोयला अवैध उगाही प्रकरणः आरोपी संतोष करमाली को अग्रिम जमानत, चार सप्ताह में सरेंडर का दिया निर्देश

    Related Posts

    क्राइम

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव पार्ट-5: जेपीएससी-14 में थी 100 करोड़ वसूली की योजना, 11 छात्रों से एडवांस में लिए गए थे 1.10 करोड़

    August 13, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    JPSC प्रकरण: 20 अगस्त को CM हाउस घेराव की तैयारी, रांची में हुई सुरक्षा कड़ी

    August 13, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    खनिज व खान विधेयक: खनिज पर सेस नहीं लगा सकेगा झारखंड, 14.6 हजार करोड़ पर संकट

    August 13, 2026
    क्राइम

    6016 किलो मेथामफेटामाइन जब्ती मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, तमिलनाडु-मिजोरम में 13 ठिकानों पर छापेमारी

    August 12, 2026
    क्राइम

    मणिपुर के ट्रांगलाओबी IED हमले में NIA की पहली गिरफ्तारी, एस. पलाल थाडौ 10 दिन की पुलिस रिमांड पर

    August 12, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : अस्पताल से सत्याग्रह स्थल लौटना चाहते हैं देवेंद्र महतो, सिविल सर्जन से मांगी अनुमति

    August 12, 2026
    Latest Posts

    झारखंड: 15 अगस्त की तैयारी पूरी, सिमडेगा में 11 प्लाटून करेंगी शक्ति प्रदर्शन

    August 13, 2026

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव पार्ट-5: जेपीएससी-14 में थी 100 करोड़ वसूली की योजना, 11 छात्रों से एडवांस में लिए गए थे 1.10 करोड़

    August 13, 2026

    JPSC प्रकरण: 20 अगस्त को CM हाउस घेराव की तैयारी, रांची में हुई सुरक्षा कड़ी

    August 13, 2026

    खनिज व खान विधेयक: खनिज पर सेस नहीं लगा सकेगा झारखंड, 14.6 हजार करोड़ पर संकट

    August 13, 2026

    6016 किलो मेथामफेटामाइन जब्ती मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, तमिलनाडु-मिजोरम में 13 ठिकानों पर छापेमारी

    August 12, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.