जामताड़ा में प्रसूता रीना देवी की मौत के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है. सोमवार को भाजपा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही चल रही है. पार्टी का कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय न्याय की मांग करने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस के जरिए परेशान किया जा रहा है.
रांची स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि जामताड़ा भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण समेत कई नेताओं के घर पुलिस भेजी गई और उनके परिवार के लोगों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया. उन्होंने कहा कि भाजपा का कसूर सिर्फ इतना है कि उसने रीना देवी की मौत के मामले में न्याय की मांग की.
‘जामताड़ा पुलिस इरफान पुलिस बनना बंद करे‘
प्रतुल शाह देव ने जामताड़ा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय मंत्री इरफान अंसारी के इशारे पर कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून के मुताबिक काम करना है, किसी राजनीतिक दबाव में नहीं. उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “जामताड़ा पुलिस इरफान पुलिस बनना बंद करे.”
डीजीपी ने नहीं उठाया सांसद का फोन
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूरे मामले को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने राज्य के डीजीपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन तक नहीं उठाया गया. इतना ही नहीं, भेजे गए संदेश का भी कोई जवाब नहीं मिला. प्रतुल शाह देव ने इसे सांसद के संवैधानिक प्रोटोकॉल की अनदेखी बताते हुए दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
भाजपा ने पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए. प्रतुल शाह देव ने कहा कि अगर पुलिस को किसी नेता से पूछताछ करनी थी तो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर बुलाया जा सकता था. लेकिन इसके बजाय नेताओं के घरों पर पुलिस भेजी गई. उनका आरोप है कि सरकार इस तरह विपक्ष की आवाज दबाने और डराने की कोशिश कर रही है.
अस्पताल में तोड़फोड़ के आरोपों का जिक्र करते हुए भाजपा ने सरकार से पूछा कि अगर वास्तव में ऐसी घटना हुई है तो अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई. पार्टी का कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है.
प्रेसवार्ता में भाजपा ने सरकार के सामने ये मांगे रखीं
- रीना देवी की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
- जांच में यदि किसी डॉक्टर, अस्पताल या प्रशासनिक अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
- साथ ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए.
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि उसकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा पूरे राज्य में आंदोलन करेगी और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी. प्रेसवार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजय राय और नीरज सिंह भी मौजूद रहे.

