Patna : बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों (2025-2030) के लिए ‘सात निश्चय-3’ योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को हरी झंडी दी गई। सरकार का दावा है कि पहले के सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के सफल क्रियान्वयन के बाद अब सात निश्चय-3 के जरिए बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में राज्य में कानून-व्यवस्था और समावेशी विकास को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि सात निश्चय-3 से “विकसित बिहार” का सपना साकार होगा।
सात निश्चय-3 के प्रमुख लक्ष्य
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दोगुना रोजगार और दोगुनी आय – अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य। महिलाओं के स्वरोजगार के लिए मदद राशि बढ़ाई जाएगी।
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समृद्ध उद्योग और सशक्त बिहार – बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे। 9 बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा और 25 नई चीनी मिलें स्थापित की जाएंगी।
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कृषि में प्रगति – किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि रोडमैप और मखाना, डेयरी, मत्स्य पालन को बढ़ावा। हर पंचायत में दुग्ध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे।
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उन्नत शिक्षा – उच्च शिक्षा विभाग का गठन, प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नई एजुकेशन सिटी का निर्माण।
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सुलभ स्वास्थ्य – स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी केंद्र में बदलना, दूरदराज इलाकों में डॉक्टरों को प्रोत्साहन।
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मजबूत आधार और आधुनिक विस्तार – नई सड़कें, एक्सप्रेस-वे, सौर ऊर्जा और पर्यटन विकास। पटना में स्पोर्ट्स सिटी और जिलों में खेल सेंटर।
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सबका सम्मान और जीवन आसान – आधुनिक तकनीक और नवाचार के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बनाना।
सात निश्चय-3 योजना बिहार के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


