Ranchi : झारखंड एसीबी शराब घोटाला, हजारीबाग वन भूमि घोटाला और सेवायत भूमि घोटाला से जुड़े मामलों में आरोपियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही है। इस जांच में निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे और उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता पर खास फोकस है। एसीबी यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित अवैध कमाई कहां और किस रूप में निवेश की गई।
सभी बैंकों को भेजा गया पत्र
एसीबी ने झारखंड के सभी सरकारी और निजी बैंकों को पत्र भेजकर अहम जानकारी मांगी है। इसमें विनय चौबे, उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह और उनके परिवार, विनय चौबे के साले शिपीज त्रिवेदी और उनके परिवार, साथ ही ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी के नाम पर मौजूद बैंक अकाउंट और लॉकर का ब्योरा मांगा गया है।
लॉकर फ्रीज करने का निर्देश
एसीबी ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि इन लोगों के नाम पर कोई लॉकर मिलता है तो उसे अगले आदेश तक फ्रीज कर दिया जाए। इसका उद्देश्य जांच के दौरान संपत्ति में किसी तरह की हेराफेरी को रोकना है।
दो लॉकर मिले
अब तक की जांच में सामने आया है कि विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता के नाम एसबीआई बैंक में दो लॉकर हैं। एसीबी इन लॉकरों से जुड़े लेनदेन और संपत्ति की जानकारी खंगाल रही है।
दो दर्जन से अधिक खातों की जांच
एसीबी अब तक दो दर्जन से ज्यादा बैंक अकाउंट की जांच कर चुकी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि विनय चौबे ने अलग अलग जिलों में डीसी और उत्पाद विभाग के सचिव रहते हुए कितनी अवैध कमाई की और उसे किन तरीकों से निवेश किया। जांच जारी है और संपत्ति के हर संभावित स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है।


