Patna : बिहार में अब पंचायतों और वार्डों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइटों की निगरानी रियल टाइम में की जाएगी। इसके लिए राज्य के सभी समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर में 75 इंच का एलईडी टीवी लगाया जाएगा, जिस पर सोलर लाइट की स्थिति लगातार अपडेट होती रहेगी। इस पहल का उद्देश्य खराब पड़ी लाइटों की तुरंत पहचान कर समय पर मरम्मत सुनिश्चित करना है।
पंचायती राज विभाग ने इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर बजट स्वीकृति मांगी है। प्रत्येक टीवी की खरीद पर करीब 2 लाख रुपये खर्च होंगे।
शिकायतों के बाद लिया गया बड़ा फैसला
राज्य के विभिन्न पंचायतों और वार्डों में बड़े पैमाने पर सोलर लाइट लगाए गए हैं, लेकिन इनके रखरखाव को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई जगहों पर लाइटें खराब होने के बाद लंबे समय तक बंद रहती हैं।
एजेंसियों की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए विभाग ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके और लापरवाही पर रोक लगे।
LED टीवी पर दिखेगी हर लाइट की स्थिति
नई व्यवस्था के तहत कलेक्ट्रेट में लगाए जाने वाले एलईडी टीवी पर हर पंचायत और वार्ड की सोलर लाइट का लाइव डेटा दिखेगा। इससे यह साफ पता चलेगा कि कौन सी लाइट चालू है और कौन सी खराब।
जिलाधिकारी (DM) सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी सीधे इस सिस्टम के जरिए निगरानी कर सकेंगे। जैसे ही किसी लाइट में खराबी आएगी, उसकी जानकारी तुरंत स्क्रीन पर दिखाई देगी, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
मरम्मत में तेजी और काम में पारदर्शिता
पंचायती राज विभाग ने ब्रेडा (BREDA) के माध्यम से एक केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया है, जो सोलर लाइट का रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा।
इस नई व्यवस्था से न सिर्फ खराब लाइटों की पहचान जल्दी होगी, बल्कि मरम्मत और रखरखाव का काम भी तेजी से होगा। साथ ही पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही भी तय होगी।
जानकारी के अनुसार, राज्य के कई जिलों में पहले ही हजारों सोलर लाइट लगाए जा चुके हैं और चौथे चरण का काम तेजी से चल रहा है। आने वाले समय में यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर रोशनी और सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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