Iran: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच स्थिति और जटिल होती जा रही है। एक ओर सीजफायर बढ़ाने की कोशिशें चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर नई घटनाएं तनाव बढ़ा रही हैं। ईरान ने रूस से जुड़े जहाजों को विशेष छूट देते हुए होर्मुज से गुजरने पर कोई फीस न लेने का फैसला किया है। यह कदम अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी के बीच रूस को दी गई एक तरह की ‘राजनीतिक तोहफा’ के रूप में देखा जा रहा है।इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर को तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है।
व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे सकारात्मक बताया, लेकिन ईरान पर दबाव बनाए रखने की बात भी कही। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान शांति प्रस्ताव नहीं पेश करता तब तक होर्मुज के पास नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा दौर जल्द शुरू हो सकता है, जिसमें पाकिस्तान के माध्यम से इस्लामाबाद में मुलाकात की संभावना है। हालांकि ईरान ने अभी अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है।
तनाव और बढ़ गया जब अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज के पास एक ईरानी कार्गो जहाज को जब्त कर लिया। ईरान ने इसे ‘समुद्री लूट’ बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। ट्रंप के बयान भी लगातार बदलते दिख रहे हैं । कभी समझौते की उम्मीद जताते हैं तो कभी सख्ती की धमकी देते हैं। ईरान में आंतरिक संकट गहराता जा रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे।
28 फरवरी को हुए हमले में उनके पिता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। मोजतबा उसी हमले में घायल हुए थे। उनकी हालत ऐसी बताई जा रही है कि उन्हें गुप्त जगह पर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी एक टांग पर तीन बार सर्जरी हो चुकी है और अब कृत्रिम पैर (प्रोस्थेटिक) की जरूरत पड़ सकती है। चेहरे पर गंभीर जलन के कारण बोलने में भी दिक्कत हो रही है, भविष्य में प्लास्टिक सर्जरी की भी संभावना है।
वर्तमान में ईरान में असली कमान सेना, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ जनरलों के हाथ में है। सुप्रीम लीडर की सीमित सक्रियता के कारण रणनीतिक फैसले सैन्य नेतृत्व पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई अभी पूर्ण नियंत्रण में नहीं हैं और कई महत्वपूर्ण निर्णय उन्हें तैयार रूप में प्रस्तुत किए जा रहे हैं। यह पूरा घटनाक्रम ईरान की आंतरिक कमजोरी और बाहरी दबाव दोनों को उजागर कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ रहा है।
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