Patna : राज्य सरकार ने आधुनिक शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 11 शहरों में ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप बसाने का फैसला लिया है। इस योजना में पूर्णिया भी शामिल है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पूर्णिया को नोएडा और गुरुग्राम की तरह विकसित किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य बेहतर प्लानिंग के साथ आधुनिक सुविधाओं से लैस शहर बसाना है, जिससे अनियोजित निर्माण पर रोक लग सके और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकें।
11 शहरों में बनेगी आधुनिक टाउनशिप
सरकार ने राज्य के 11 बड़े शहरों को इस योजना के लिए चुना है। पहले समूह में पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा और मुंगेर शामिल हैं। वहीं दूसरे समूह में सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर को रखा गया है।
इन शहरों में 800 से 1200 एकड़ क्षेत्र में टाउनशिप विकसित की जाएगी, जिसे भविष्य में 10 गुना तक बढ़ाया जा सकेगा। योजना के तहत लैंड पुलिंग मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें जमीन मालिकों को विकास में साझेदार बनाया जाएगा।
जमीन खरीद-बिक्री पर रोक की चर्चा, ब्रोकरों में हलचल
टाउनशिप योजना को लेकर यह चर्चा तेज है कि जिन क्षेत्रों में विकास होना है, वहां मास्टर प्लान बनने तक जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण कार्य पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
जिला प्रशासन और निबंधन विभाग ने भी साफ किया है कि उन्हें इस तरह का कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। बावजूद इसके, संभावित रोक को देखते हुए जमीन ब्रोकरों में बेचैनी बढ़ गई है और वे जल्द से जल्द रजिस्ट्री कराने में जुटे हैं।
2027 तक तैयार होगा मास्टर प्लान
नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, टाउनशिप का मास्टर प्लान दो चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले समूह के शहरों के लिए 31 मार्च 2027 तक मास्टर प्लान अधिसूचित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं दूसरे समूह के शहरों के लिए 30 जून 2027 तक का समय तय किया गया है।
इस योजना के लागू होने के बाद पूर्णिया सहित अन्य शहरों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाओं का बेहतर ढांचा तैयार होगा। इससे न सिर्फ शहरों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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