Johar Live, International : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि वह ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किसी को भी नहीं करना चाहिए।
हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर समझौता नहीं होता है तो सैन्य कार्रवाई एक विकल्प हो सकता है।
परमाणु हथियारों पर साफ इनकार, लेकिन सैन्य विकल्प खुला
पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना गलत है और वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने सवाल को “बेवकूफी भरा” बताते हुए कहा कि दुनिया में किसी को भी ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो बाकी बचे लक्ष्यों पर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। उनका दावा है कि अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है।
होर्मुज स्ट्रेट और तेल को लेकर दबाव की रणनीति
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण है और वह ईरान पर दबाव बनाने के लिए इसे बंद रखे हुए हैं। उनके अनुसार, अगर यह रास्ता खुलता है तो ईरान को रोजाना करोड़ों डॉलर की कमाई होगी, इसलिए डील होने तक इसे बंद रखना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास तेल की कोई कमी नहीं है और कई जहाज अब इस मार्ग की बजाय अमेरिका की ओर आ रहे हैं।
डील पर जोर, ईरान पर बढ़ता दबाव
ट्रंप ने कहा कि वह जल्दबाजी में नहीं हैं और एक मजबूत व स्थायी समझौता चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान इस समय आर्थिक दबाव में है, खासकर तेल के कारण।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका के अनुरोध पर ईरान ने कुछ महिलाओं की फांसी रोकने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, ट्रंप ने कहा कि ईरान को हिजबुल्लाह को दी जाने वाली फंडिंग भी बंद करनी होगी।
कुल मिलाकर, ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा।
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