Patna : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजद के विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाजी करते हुए बिहार के विकास, शिक्षा व्यवस्था और गिरती प्रतिव्यक्ति आय के मुद्दे उठाए।
विकास और शिक्षा पर निशाना
राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उनके मुताबिक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बिहार लगातार पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रतिव्यक्ति आय देश के निचले पायदान पर बनी हुई है, जो सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाता है।
शराबबंदी पर तीखा हमला
प्रदर्शन के दौरान राजद विधायकों ने शराबबंदी के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया। उनका आरोप था कि शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब की बिक्री जारी है और जहरीली शराब से हो रही मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है। राजद नेताओं ने कहा, “कानून का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा, और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।”
मोदी-नीतीश नीतियों पर सवाल
राजद ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी-नीतीश की नीतियों” के कारण बिहार विकास की दौड़ में पिछड़ गया है। उन्होंने मांग की कि सरकार वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दे और जनता को जवाब दे।
सत्तापक्ष का जवाब
वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया। बजट सत्र के बीच जारी इस टकराव ने सदन में हंगामे की स्थिति पैदा कर दी, और चर्चा के दौरान सदन में लगातार नारेबाजी और हंगामा चलता रहा।
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