Ramgarh : रजरप्पा प्रक्षेत्र का पुनर्विकास अब सुनियोजित और आधुनिक तरीके से किया जाएगा। यहां श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, आकर्षक घाटों का निर्माण होगा और मंदिर परिसर में नई दुकानों की व्यवस्थित व्यवस्था की जाएगी। शनिवार को उपायुक्त ऋतुराज ने मां छिन्नमस्तिका सिद्ध पीठ रजरप्पा मंदिर पहुंचकर प्रस्तावित विकास योजनाओं की जानकारी दी। मंदिर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में दर्जा प्राप्त मंत्री फागू बेसरा, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान उपायुक्त ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों की विस्तार से जानकारी दी और मंदिर परिसर के लिए तैयार विकास योजना की रूपरेखा साझा की। उन्होंने भविष्य में होने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित पक्षों से सुझाव भी लिए। बैठक के दौरान मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने परिसर से जुड़ी कई समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा।
बैठक के बाद डीसी ने रजरप्पा मंदिर परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित बस स्टैंड, एंट्री गेट, एग्जिट गेट, घाट निर्माण, दुकानों के निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए चिन्हित स्थानों का जायजा लिया। उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि रजरप्पा मंदिर का पुनर्विकास पूरी तरह व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा में योजनाओं को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि जिन दुकानों को हटाया गया है, उन्हें खाली स्थानों पर व्यवस्थित रूप से दोबारा बसाया जाए। इसके लिए उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन किया जा रहा है। डीसी ने कहा कि रजरप्पा मंदिर झारखंड का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर का समुचित विकास, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
विकास कार्य के दौरान पेड़ों की कटाई की संभावना को देखते हुए उपायुक्त ने क्षतिपूर्ति वनीकरण के तहत वन प्रमंडल पदाधिकारी, गोपनीय शाखा प्रभारी, अंचल अधिकारी चितरपुर समेत अन्य अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया और जरूरी दिशा-निर्देश दिए, ताकि विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।
Also Read : खराब परीक्षा परिणाम पर शिक्षा विभाग सख्त, 64 स्कूलों पर की कार्रवाई


