Ranchi : झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) रविवार को आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा को लेकर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य के छह जिलों रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग और देवघर में कुल 434 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 1.75 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। यह परीक्षा राजकीय विश्वविद्यालयों और उनके अंगीभूत कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पदों पर नियुक्ति की पात्रता तय करने के लिए आयोजित की जा रही है। साथ ही पीएचडी में नामांकन के लिए भी यह परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुबह 8 बजे पहुंचना होगा केंद्र
जेपीएससी ने अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर सुबह 8 बजे तक पहुंचने का निर्देश दिया है। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी। आयोग ने साफ किया है कि समय पर केंद्र नहीं पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को परेशानी हो सकती है। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक जांच और आईआरआईएस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। सत्यापन के बाद ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश मिलेगा। इससे फर्जी अभ्यर्थियों और कदाचार पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
रांची में निषेधाज्ञा लागू
रांची जिला प्रशासन ने परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष तैयारी की है। मंजूनाथ भजंत्री, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। रांची में कुल 117 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें मारवाड़ी कॉलेज समेत कई प्रमुख संस्थान शामिल हैं।
200 मीटर दायरे में पांच लोगों के जुटने पर रोक
सदर अनुमंडल दंडाधिकारी कुमार रजत ने परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू की है। प्रशासन को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों, कर्मचारियों, सरकारी कार्यक्रमों और शवयात्रा को छोड़कर पांच या पांच से अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक लगा दी गई है।
हथियार और लाउडस्पीकर पर भी रोक
निषेधाज्ञा के तहत किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर चलना पूरी तरह निषिद्ध रहेगा। यह आदेश 26 अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक प्रभावी रहेगा।
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