Ramgarh : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा मैट्रिक परीक्षा 2026 का परिणाम जारी होने के बाद रामगढ़ जिले के कई विद्यालयों का प्रदर्शन निराशाजनक पाया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ऋतुराज के निर्देश पर जैक और सीबीएसई माध्यमिक परीक्षा 2026 के परिणामों की समीक्षा की गई, जिसमें कई सरकारी और उत्क्रमित उच्च विद्यालयों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिला।
52 विद्यालयों को जारी हुआ शो कॉज नोटिस
जिन 52 विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत नहीं रहा, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन स्कूलों का पास प्रतिशत 87 से 99 प्रतिशत के बीच रहा। सभी विद्यालयों को 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
12 स्कूलों का प्रदर्शन बेहद खराब, वेतन पर रोक
समीक्षा में 12 ऐसे विद्यालय चिह्नित किए गए, जिनका परीक्षा परिणाम अत्यंत खराब और चिंताजनक श्रेणी में पाया गया। इन विद्यालयों का पास प्रतिशत न्यूनतम 68 प्रतिशत तक गिर गया। जिला शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और संबंधित टीजीटी शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। संतोषजनक जवाब मिलने तक वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यालय
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सबसे कमजोर प्रदर्शन वाले पांच विद्यालयों की सूची भी जारी की है। इसमें उत्क्रमित उच्च विद्यालय लपंगा का परिणाम 68 प्रतिशत, उत्क्रमित उच्च विद्यालय छत्तरमांडू 71 प्रतिशत, उत्क्रमित उच्च विद्यालय डाड़ीडीह 73 प्रतिशत, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बीचा 75 प्रतिशत और उत्क्रमित उच्च विद्यालय कंजगी 78 प्रतिशत रहा।
शैक्षणिक गुणवत्ता पर उठे सवाल
डीईओ ने कहा कि जिले के कई विद्यालयों ने शत-प्रतिशत परिणाम देकर बेहतर उदाहरण पेश किया है, लेकिन कुछ विद्यालयों का लगातार कमजोर प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त को भी भेज दी गई है, ताकि आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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