Ranchi : झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (Forest Force Chief) संजीव कुमार ने राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन से उनके आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात भले ही औपचारिक थी, लेकिन इसमें कई अहम न्यायिक मामलों पर विस्तार से बातचीत हुई।
अवमानना, पीआईएल और अन्य वादों पर मंथन
बैठक के दौरान वन विभाग से जुड़े विभिन्न न्यायिक मामलों पर चर्चा की गई। खास तौर पर अवमानना वाद, पीआईएल (जनहित याचिका), डब्ल्यूपीएस वाद जैसे मामलों को लेकर विस्तार से विमर्श हुआ। वन बल प्रमुख ने समय पर शपथ पत्र दाखिल करने, अदालत के आदेशों का सही तरीके से अनुपालन करने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन जैसे मुद्दों पर महाधिवक्ता से सुझाव लिए। बताया जा रहा है कि विभागीय स्तर पर कानूनी प्रक्रिया को और मजबूत और व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया।
न्यायालयीन प्रक्रियाओं को लेकर गंभीरता
मुलाकात के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी चूक न हो और विभाग से जुड़े मामलों में अदालत के निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। महाधिवक्ता ने भी आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन दिया।
पुस्तक भेंट कर जताया आभार
इस मौके पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने औषधीय पौधों पर उनके द्वारा संपादित पुस्तक Glimpses of Ethnobotany and Medicinal Plants of India महाधिवक्ता राजीव रंजन को भेंट की। इस पुस्तक में देशभर, खासकर झारखंड में पाए जाने वाले औषधीय पौधों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
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