लातेहार: जिले के दुर्गम भोंकाखाड़ गांव में बीमारी और लगातार मौतों की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टीम गांव पहुंची. जोहार लाइव की खबर के बाद 9 सितंबर को भोंकाखाड़ में विशेष नि:शुल्क मेडिकल कैंप लगाया गया. SSB की 32वीं वाहिनी और लातेहार सदर अस्पताल की संयुक्त मेडिकल टीम ने ग्रामीणों की जांच की और जरूरत के अनुसार मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराईं.
तीन मौतों के बाद गांव पहुंची मेडिकल टीम
लातेहार प्रखंड की तरवाडीह पंचायत के पहाड़ी इलाके में स्थित भोंकाखाड़ गांव में हाल के दिनों में बीमारी से मौतों की खबर सामने आई थी. एक युवती की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई थी, जबकि पिछले एक सप्ताह के भीतर दो बच्चों की बुखार के बाद मौत की जानकारी सामने आई थी. लगातार मौतों की खबर के बाद गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई थी.
इसके बाद 32वीं वाहिनी SSB के कमांडेंट राजेश कुमार सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विशेष मेडिकल कैंप आयोजित करने की पहल की. मेडिकल टीम को गांव तक पहुंचने में करीब दो घंटे का कठिन और दुर्गम रास्ता तय करना पड़ा.
76 मरीजों की जांच, 180 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग
भोंकाखाड़ के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में लगाए गए कैंप में कुल 76 मरीजों की चिकित्सीय जांच की गई. इनमें 32 पुरुष, 26 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल थे. जांच के बाद मरीजों को जरूरत के मुताबिक नि:शुल्क दवाइयां दी गईं.
इसके अलावा करीब 180 ग्रामीणों की मलेरिया, टाइफाइड, मधुमेह, हीमोग्लोबिन और ब्लड प्रेशर की जांच की गई. SSB के मुताबिक प्राथमिक जांच में रिपोर्ट सामान्य या निगेटिव पाई गई है. हालांकि, बेहतर और विस्तृत जांच के लिए आवश्यक रक्त नमूनों को रांची भेजने की कार्रवाई की जाएगी.
मेडिकल कैंप में SSB और सदर अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे. टीम ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कर उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया.
अब आगे की जांच से खुलेगा मौतों का कारण
भोंकाखाड़ समुद्र तल से करीब 1600 फीट की ऊंचाई पर स्थित दुर्गम पहाड़ी गांव है. बरसात के मौसम में यहां संक्रमण और दूसरी बीमारियों का खतरा बना रहता है. ऐसे में लगातार हुई मौतों के बाद गांव में स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी हो गया था.
प्राथमिक जांच में रिपोर्ट सामान्य आने के बावजूद गांव में हुई मौतों की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है. रक्त के नमूनों की आगे की जांच और मेडिकल रिपोर्ट से ही यह पता चल सकेगा कि मौतों के पीछे कौन सी बीमारी या संक्रमण जिम्मेदार था.
SSB की 32वीं वाहिनी ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि भविष्य में भी इस क्षेत्र में मेडिकल कैंप के साथ स्वास्थ्य, कौशल विकास और नागरिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
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