Ranchi : राजधानी रांची और आसपास के बाजारों में इस बार गैर-मौसमी सब्जियों ने जेब ढीली कर दी है। भिंडी, करेला, सहजन, कटहल, नेनुआ और परवल जैसी सब्जियां इतनी महंगी हो गई हैं कि आम लोग इन्हें खरीदने से कतरा रहे हैं। हालत ये है कि कई परिवारों की थाली से ये सब्जियां लगभग गायब हो चुकी हैं।
परवल और सहजन 200 रुपये किलो, कटहल भी महंगा
बाजार में परवल 160 से 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। वहीं सहजन (ड्रमस्टिक) भी 200 रुपये किलो पहुंच गया है। कटहल का भाव भी 80 से 100 रुपये किलो चल रहा है। व्यापारियों के मुताबिक, ये सब्जियां फिलहाल बंगाल, बिहार और दक्षिण भारत से मंगाई जा रही हैं। स्थानीय उत्पादन मार्च-अप्रैल से शुरू होगा, तभी दामों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
सप्लाई कम, इसलिए बढ़े दाम
डेली मार्केट के थोक विक्रेता रवि कुमार बताते हैं कि गैर-मौसमी सब्जियों की आपूर्ति कम है, इसी वजह से दाम तेजी से चढ़ गए हैं। जब तक लोकल फसल बाजार में नहीं आती, तब तक कीमतें नीचे आने की उम्मीद कम है। हालांकि राहत की बात यह है कि मौसमी सब्जियां अभी सस्ती हैं और अगर अगले एक महीने तक बारिश नहीं हुई, तो इनके दाम ऐसे ही बने रह सकते हैं।
महंगाई से बदला लोगों का खरीदारी पैटर्न
सब्जी खरीदने आईं मीना देवी कहती हैं, “महंगाई ने पूरा बजट बिगाड़ दिया है। अब महंगी सब्जियां हफ्ते में एक-दो बार ही ले पाते हैं। ज़्यादातर सस्ती सब्जियों से ही काम चलाना पड़ता है।” लोग अब जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं और महंगी सब्जियों से दूरी बना रहे हैं।
किसान संघ का कहना- स्थानीय फसल आएगी तब मिलेगी राहत
किसान संघ के एक पदाधिकारी का कहना है कि स्थानीय फसल बाजार में आने के बाद ही दाम स्थिर होंगे। फिलहाल लोग मौसमी सब्जियों की तरफ ज्यादा झुक रहे हैं, जिससे महंगी सब्जियों की मांग भी घट रही है।
महंगी सब्जियों के ताजा भाव
| सब्जी | भाव (₹ प्रति किलो) |
|---|---|
| करेला | 80 से 100 |
| मुनगा फूल | 80 से 100 |
| नेनुआ | 60 से 70 |
| सहजन (ड्रमस्टिक) | 200 |
| परवल | 160 से 200 |
| हरी मिर्च | 150 से 200 |
| कटहल | 80 से 100 |
सस्ती सब्जियों से मिल रही राहत
| सब्जी | भाव (₹ प्रति किलो) |
|---|---|
| मटर | 20 |
| फूलगोभी | 20 से 30 |
| सेम | 20 से 30 |
| आलू | 20 से 30 |
| प्याज | 25 से 30 |
| बींस | 50 से 60 |
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