Patna : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हुई, लेकिन पहले ही दिन एक ऐसी खबर सामने आई जिसने सबको झकझोर कर रख दिया। पटना जिले के मसौढ़ी इलाके में परीक्षा छूट जाने से दुखी एक छात्रा ने कथित तौर पर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और लोग कह रहे हैं कि काश, उसे यह पता होता कि आगे भी मौका मिलने वाला है।
पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा, 15 लाख से ज्यादा छात्र शामिल
इस साल बिहार में मैट्रिक परीक्षा बड़े स्तर पर आयोजित की जा रही है। राज्यभर में कुल 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन ही करीब 15 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हर केंद्र पर निगरानी रखी गई ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। नकल पर सख्ती दिखाते हुए पहले ही दिन 5 छात्रों को परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया। इसके अलावा 9 फर्जी परीक्षार्थियों को भी पकड़ा गया, जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिनकी परीक्षा छूट गई, उनके लिए राहत की खबर
इधर, परीक्षा छूट जाने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर भी आई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने साफ कहा है कि अगर किसी छात्र की परीक्षा जाम या किसी अन्य कारण से छूट गई है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।
अप्रैल के आखिर में होगी विशेष परीक्षा
बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने जानकारी दी है कि विशेष परीक्षा अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई की शुरुआत में आयोजित की जाएगी। रिजल्ट भी मई या जून तक जारी कर दिया जाएगा, ताकि छात्रों का नया सत्र प्रभावित न हो।
एक जरूरी संदेश
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि परीक्षा जिंदगी का आखिरी पड़ाव नहीं होती। अगर कभी कोई पेपर छूट भी जाए या उम्मीद के मुताबिक न जाए, तो जिंदगी खत्म करने जैसा कदम कभी समाधान नहीं हो सकता।
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