Johar Live Desk : शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) की कमी आजकल आम होती जा रही है। बाल झड़ना, हाथ-पैरों में जलन, घाव का देर से भरना, बार-बार बीमार पड़ना और हड्डियों में दर्द – ये सभी संकेत विटामिन और मिनरल्स की कमी या असंतुलन को दर्शाते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यदि समय रहते इन पोषक तत्वों की भरपाई न की जाए, तो सामान्य जीवन भी प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक संतुलित और पौष्टिक भोजन से इन आवश्यक सूक्ष्म पोषकों की पूर्ति आसानी से की जा सकती है। प्रत्येक विटामिन और मिनरल शरीर के विकास और सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कौन-कौन से खाद्य पदार्थ हैं माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के स्रोत
- विटामिन बी1, बी2, बी12 – दूध, साबुत अनाज, अंडा, मीट, मछली, मशरूम, एवोकाडो
- विटामिन सी – खट्टे फल, शिमला मिर्च, स्प्राउट्स
- विटामिन ए – डेयरी उत्पाद, मछली, शकरकंद, गाजर, पालक
- विटामिन डी – सूर्य की रोशनी, फिश ऑयल, दूध
- विटामिन ई – सूरजमुखी बीज, अंकुरित गेहूं, बादाम
- विटामिन के – हरी सब्जियां, सोयाबीन, कद्दू
माइक्रोमिनरल्स
- कैल्शियम – दूध उत्पाद, पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली
- फास्फोरस – साल्मन मछली, दही
- मैग्नीशियम – बादाम, काजू, काली बींस
- सोडियम – नमक, प्रोसेस्ड फूड
- पोटेशियम – दाल, केला
- सल्फर – लहसुन, प्याज, स्प्राउट्स, अंडा
- भारतीयों में बढ़ रहा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी का खतरा
- विटामिन डी की कमी : ICMR के अनुसार 70–90% भारतीयों में कमी पाई जाती है।
- विटामिन बी12 की कमी : 47% भारतीयों में कमी देखी गई, केवल 26% में स्तर पर्याप्त।
- विटामिन ए : बच्चों और महिलाओं में सही पोषण न मिलने से कमी अधिक।
- आयरन (एनीमिया) : NFHS-5 के अनुसार 15–49 वर्ष की 57% महिलाएं और 25% पुरुष एनीमिया से ग्रस्त।
- कैल्शियम : इसकी कमी से हड्डियां कमजोर और खासकर रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ता है।
विशेषज्ञों ने बताए कारण और रोकथाम
मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आकांक्षा रस्तोगी ने बताया कि आमतौर पर लोगों में डिहाइड्रेशन, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन डी और बी12 की कमी पाई जाती है। उन्होंने सलाह दी कि लोग नियमित रूप से पानी पिएं, फल खाएं और विटामिन डी, बी12, आयरन व मैग्नीशियम की जांच करवाते रहें। डॉ. रस्तोगी ने कहा कि केवल मल्टीविटामिन लेने से लाभ नहीं मिलता, जब तक कि व्यक्ति स्ट्रेचिंग या व्यायाम न करे। कई बार विटामिन बी12 शाकाहारियों में कम पाया जाता है या दवाओं, सर्जरी या अवशोषण में कमी के कारण भी दिक्कत होती है।
कमी के प्रमुख लक्षण
- जल्दी थकान, कमजोरी
- बाल झड़ना
- नाखून टूटना और सफेद होना
- संक्रमण की आशंका बढ़ना
- विटामिन डी की कमी : हड्डियों का कमजोर होना
- विटामिन ए की कमी : रात में देखने में परेशानी
- विटामिन सी की कमी : मसूड़ों में सूजन
- आयरन की कमी : शरीर में पीला पन और थकान
- विटामिन बी12 की कमी : हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास
क्या करें? कुछ उपयोगी सुझाव
- भोजन में हरी सब्जियां, डेयरी उत्पाद और संतुलित आहार शामिल करें।
- प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट का संतुलन बनाए रखें।
- हीमोग्लोबिन की जांच कराएं और जरूरत पड़े तो आयरन लें।
- बाहर का खाना अधिक खाने वालों को डॉक्टर से सलाह लेकर कीड़े मारने की दवा लेनी चाहिए।
- चुकंदर, अंजीर, काले चने, सेव, अनार और लोहे के बर्तन में बना भोजन लाभकारी।
- केवल सेंधा नमक के उपयोग से थायराइड की समस्या बढ़ सकती है – संतुलित नमक सेवन जरूरी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी के लक्षण दिखें तो अनदेखा न करें और समय रहते जांच कराकर सही आहार और चिकित्सा अपनाएं।
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