Patna : बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मैथिली ठाकुर का भाषण सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार किया और लालू प्रसाद यादव को धृतराष्ट्र तथा तेजस्वी यादव को दुर्योधन कहा। मैथिली के इस बयान के बाद सदन में जोरदार हंगामा भी देखने को मिला।
“तमसो मा ज्योतिर्गमय” से शुरू हुआ भाषण
मैथिली ठाकुर ने अपने वक्तव्य की शुरुआत संस्कृत के श्लोक “तमसो मा ज्योतिर्गमय” से की। उन्होंने कहा कि जब वे सदन में खड़ी होती हैं, यह श्लोक उनके मन में गूंज रहा होता है। भाषण के दौरान उन्होंने पुराने दौर को याद किया और बताया कि कभी महिलाएं घर से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस करती थीं, लेकिन आज महिलाएं दरभंगा से पटना तक अकेले सुरक्षित सफर कर रही हैं।
जंगलराज का ज़िक्र, नीतीश सरकार की सराहना
मैथिली ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए जंगलराज की याद दिलाई और कहा कि उस समय शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर थीं, ताले लगे हुए थे और बजट ज़मीन पर असर नहीं दिखता था। गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा तो दूर की बात थी, क्योंकि रोज़ की रोटी भी मुश्किल थी। वहीं, उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व में शिक्षा और महिला सुरक्षा में सुधारों की सराहना की। विशेष रूप से साइकिल वितरण योजना की सफलता पर जोर दिया।
लालू-तेजस्वी पर महाभारत वाला प्रहार
अपने भाषण में मैथिली ठाकुर ने कहा कि पुराने दौर के गवाह आज विपक्ष में बैठे हैं। उन्होंने लालू यादव की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से की और कहा कि उस समय के राजा को बिहार की चिंता नहीं थी, उन्हें केवल अपने दुर्योधन की फिक्र थी। इसके बाद उन्होंने तेजस्वी यादव को दुर्योधन बताया।
सदन में विपक्ष का कड़ा विरोध
मैथिली के इस बयान के बाद RJD विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और गरमागरम बहस भी हुई।
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