आनंद दत्त/किसलय शानू
जोहार लाइव इंवेस्टिगेशन शृंखला में आज इंडियन मुजाहिदीन आतंकी संगठन और उसके संदिग्धों के झारखंड में होने की पड़ताल कर रहा है. इस संगठन ने भारत में अब तक 44 से अधिक ब्लास्ट किए हैं, जिसमें दिल्ली सीरियल ब्लास्ट, पुणे बेकरी ब्लास्ट, अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट, मुंबई सीरियल ब्लास्ट जैसी घटनाएं शामिल हैं. इन घटनाओं में 170 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
बता दें, इंडियन मुजाहिदीन (IM) भारत में सक्रिय रहा एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है. इसे देश के प्रमुख स्वदेशी आतंकवादी संगठनों में गिना जाता है. इसकी शुरुआत वर्ष 2000 के आसपास कर्नाटक के भटकल में हुई मानी जाती है.
वर्ष 2007 के बाद इस संगठन का नाम कई बड़े बम धमाकों की जांच में सामने आया. जयपुर (2008), अहमदाबाद (2008), दिल्ली (2008) और पुणे के जर्मन बेकरी ब्लास्ट (2010) जैसी घटनाओं में इसकी भूमिका की जांच हुई. जांच एजेंसियों ने इसके पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से संपर्क होने का भी आरोप लगाया.
केंद्र सरकार ने 2 जून 2010 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत इंडियन मुजाहिदीन को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया.
इससे पहले की चार कड़ियों में हमने पटना बम ब्लास्ट कांड, अल-कायदा इन इंडियन सब कॉंटिनेंट के 44 संदिग्ध, लश्कर-ए-तैयबा का झारखंड कनेक्शन और दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के झारखंड में उपस्थिति के बाद पीएफआई जैसे प्रतिबंधित संगठन के 216 संदिग्धों के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी.
जमशेदपुर
इबरार अहमद के जमशेदपुर स्थिति जिस घर की जानकारी हमें मिली, वो अब उस पते पर नहीं रहता है. वो मकान हमें जर्जर हालात में मिले. यहां तक कि उसके पड़ोंसियों को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
इबरार अहमद उर्फ शेख उर्फ इबरार मियां उर्फ इबरार आलम का घर भी जर्जर हालात में मिला. वह भी अपने पैतृक घर में नहीं रहता है. उसके बारे में भी पड़ोसियों को कोई जानकारी नहीं है.
अबू फज़ल खान उर्फ अबू फैज़ल उर्फ फरहान उर्फ अनवर उर्फ अजहर उर्फ इजहार उर्फ डॉक्टर. फिलहाल जेल में है.
धनबाद
मो. अम्मर यसार इस वक्त कहां है और क्या कर रहा है, इसके बारे में सुरक्षा एजेंसियों के पास कोई जानकारी नहीं है.
रांची
तहसीन अख्तर उर्फ मोनू उर्फ मेमन मूलतः बिहार के समस्तीपुर जिले का रहनेवाला है. इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक यासीन भटक के गिरफ्तार होने के बाद इसे ही संगठन का प्रमुख बनाया गया था. साल 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था, तब से वह तिहाड़ जेल में बंद है.
हैदर अली उर्फ अब्दुल्लाह उर्फ ब्लैक ब्यूटी पटना बम ब्लास्ट कांड में आरोपी है और उसे मौत की सजा मिली हुई है. इस वक्त वो दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है.
नोमान आलम उर्फ नोमान अंसारी भी पटना बम ब्लास्ट कांड में आरोपी है और उसे मौत की सजा मिली हुई है.
इमतियाज आलम उर्फ इम्तिया अली उर्फ मो. इम्तियाज अंसारी भी पटना बम ब्लास्ट कांड में आरोपी है और उसे मौत की सजा मिली हुई है.
मो. मंजर इमाम उर्फ मंजर उर्फ जमील मूलतः गुमला का रहनेवाला है. वर्तमान में रांची स्थित एक किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रह रहा है. बीमार रहने के कारण काम नहीं करता है.
मो. आदिल रशीद भी किराए के मकान में रहता है और वाटर फिल्टर रिपेयरिंग का काम करता है.
तौफिक अंसारी उर्फ समीर उर्फ सुनील एक्का उर्फ मनोज कुमार उर्फ वस्सी राजा उर्फ चंदन कुमार उर्फ रवि. घर पर ही रहकर फ्रीज, कूलर, एसी व रेफ्रीजेरेटर का रिपेयेरिंग करता है
उज्जैर अहमद उर्फ औज्जेर अहमद जेल से निकल चुका है और निकलने के बाद इलेक्ट्रीक पैनल डिजाइन का काम करता है.
सैय्यद असफ़ाक इकबाल उर्फ मो. रेयाज उर्फ सफी – सीएसी सेंटर, प्रज्ञा केंद्र चलाता है.
तबीश नेयाज उर्फ अरशद अंसारी फिलहाल राजनीति में सक्रिय है.
मो. मुजिबुल्लाह अंसारी उर्फ आर्यन उर्फ उमर फारुक़ उरफ शाहिद उर्फ आसिफ उर्फ राज मल्होत्रा उर्फ अरविंद – भागलपुर जेल में विचाराधीन है.
मो. इफ्तेखार आलम – जेल से बाहर है और ओमनी औऱ मालवाह टेंपो चलाता है.
फिरोज अख्तर उर्फ फिरोज असलम उर्फ पप्पु. ये फिलहाल घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता है.
इंडियन मुजाहिदीन की ओर से अंजाम दिए गए प्रमुख घटनाएं
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इसके गठन में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े कुछ पूर्व सदस्यों की भूमिका रही थी. संगठन के प्रमुख संस्थापक सदस्यों में रियाज भटकल, इकबाल भटकल और आमिर रजा खान के नाम शामिल हैं.
तारीख घटना प्रमुख जानकारी
- 22 मई 2007 गोरखपुर सीरियल ब्लास्ट तीन धमाके हुए.
- 25 अगस्त 2007 हैदराबाद ब्लास्ट गोकुल चाट और लुंबिनी पार्क में धमाके.
- 23 नवंबर 2007 यूपी कोर्ट ब्लास्ट लखनऊ, फैजाबाद और वाराणसी की अदालतों में धमाके.
- 13 मई 2008 जयपुर सीरियल ब्लास्ट आठ धमाकों में 60 से अधिक लोगों की मौत हुई.
- 26 जुलाई 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट 20 से अधिक धमाकों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई.
- 13 सितंबर 2008 दिल्ली सीरियल ब्लास्ट राजधानी के अलग-अलग बाजारों में धमाके हुए.
- 13 फरवरी 2010 जर्मन बेकरी ब्लास्ट, पुणे धमाके में 17 लोगों की मौत हुई.
- 7 दिसंबर 2010 शीतला घाट ब्लास्ट, वाराणसी धमाके में एक बच्ची की मौत और 25 लोग घायल हुए.
- 13 जुलाई 2011 मुंबई सीरियल ब्लास्ट झवेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर में धमाके; 26 लोगों की मौत.
- 1 अगस्त 2012 पुणे सीरियल ब्लास्ट जंगली महाराज रोड पर चार कम तीव्रता वाले धमाके हुए.
- 21 फरवरी 2013 हैदराबाद दिलसुखनगर ब्लास्ट दो धमाकों में 17 लोगों की मौत हुई.


