आनंद दत्त/किसलय शानू
सीजीएल परीक्षा लीक केस में एसआईटी की जांच में अभी तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एसआईटी को आरंभिक जांच में पता चला है कि सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक के जरिये 100 से ज्यादा छात्र पास हुए थे. वर्तमान में सभी नौकरी कर रहे हैं. एसआईटी की जांच पूरी होने पर यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है. जांच के बाद इनकी नौकरी जा सकती है. एसआईटी को जांच में पता चला है कि 100 छात्रों को पेपर लीक के जरिए हासिल प्रश्न पत्र से उत्तर रटाए गए थे. जिस छात्रों को जितने प्रश्नों के उत्तर याद रहे, उनका जवाब छात्रों ने सही लिखा और परीक्षा पास किए.
रडार पर आए 100 छात्रों से सीआईडी पूछताछ करेगी. इनमें आधे से ज्यादा लोगों से एसआईटी पूछताछ कर चुकी है. जबकि आधे लोगों से पूछताछ की जानी बाकि है. इनसे पूछताछ के बाद अन्य छात्रों के नाम का खुलासा हो सकता है. जिसके बाद संबंधित छात्रों को भी सीआईडी पूछताछ के लिए नोटिस भेजेगी. फिर जांच में आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी. उल्लेखनीय है कि इस केस में पूर्व में 15 लोगों की गिरफ्तारी पहले ही चुकी है. इन्हें जेल भेजा जा चुका है. तब सीआईडी की जांच में पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया था. पेपर लीक से संबंधित प्रकरण की जांच शुरू होने के बाद 10 नए लोगों की गिरफ्तारी हुई है.
एसआईटी की जांच में परीक्षा पास करनेवाले 8 लोगों का मिला मनी ट्रेल, जा चुके हैं जेल
एसआईटी ने हाल के दिनों में जांच के क्रम में सीजीएल परीक्षा पास कर नौकरी करनेवाले आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है. जेल जानेवालों में अक्षय कुमार तिवारी, सुषमा कुमारी, समीर कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, दीपक कुमार, आनंद कुमार सिंह और अभय तिवारी शामिल हैं. इनके द्वारा भी पूछताछ के क्रम में बताया गया है कि हमने पैसा से प्रश्नों के उत्तर खऱीदे थे. इसके अलावा वेबल टेक्नोलॉजी लिमिटेड के कोलकाता प्रतिनिधि सोमांश कुमार और उनके सहयोगी राहुल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है. इन दोनों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था.
एसआईटी को आरंभिक जांच में सीजीएल परीक्षा पास करनेवाले करीब 8 छात्रों का अभी तक मनी ट्रेल मिला है. इनमें से कई छात्रों ने पूछताछ में एसआईटी को बताया है कि हमलोगों ने पैसा के जरिये प्रश्नों के उत्तर हासिल किया था और उसी आधार पर परीक्षा देकर पास किया था. एसआईटी आगे यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रों से कुल कितने रुपए की वसूली मिथिलेश सिंह और उसके गिरोह के सदस्यों ने की थी.
उल्लेखनीय है कि मिथिलेश सिंह का नाम सीजीएल पेपर लीक केस में मास्टर माइंड के रूप में सामने आ चुका है. एसआईटी की टीम मिथिलेश सिंह को लगातार ट्रैक करने का प्रयास कर रही है. मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हो सकता है कि कुल कितने छात्रों ने पैसा देकर सीजीएल परीक्षा पास की और वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं.
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17 अगस्त 2026 – हेमंत सोरेन कैबिनेट ने CGL समेत 22 परीक्षाएं रद्द कीं
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