Godda : विश्व टीबी दिवस के मौके पर गोड्डा में एक खास पहल चर्चा में रही। टीबी मरीजों की मदद के लिए किए जा रहे काम को लेकर जितपुर खनन परियोजना की सीएसआर टीम को जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। “निश्चय मित्र” योजना के तहत मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने में टीम की अहम भूमिका रही है।
86 टीबी मरीजों तक पहुंची मदद
जितपुर खनन परियोजना की ओर से अब तक 86 टीबी मरीजों को पोषण किट दी जा चुकी है। ये सभी मरीज सुंदर पहाड़ी प्रखंड के करीब 10 गांवों से हैं। इस पहल का मकसद मरीजों को बेहतर पोषण देकर उनकी रिकवरी तेज करना है।
जिला स्तर पर उपायुक्त ने की सराहना
गोड्डा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त अंजली यादव ने इस काम की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों के इलाज में पोषण बहुत जरूरी है और इस तरह की पहल उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस मौके पर सीएसआर टीम की ओर से सदानंद सिंह ने प्रशंसा पत्र प्राप्त किया।
राज्य स्तर पर भी मिली पहचान
जितपुर परियोजना का यह काम सिर्फ जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य स्तर पर भी इसकी सराहना हुई। रांची में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने टीम के प्रयासों की तारीफ की। इस दौरान महाप्रबंधक रितेश कुमार तिवारी और संतोष कुमार ने टीम की ओर से सम्मान ग्रहण किया।
‘निश्चय मित्र’ बन रहा मजबूत सहारा
टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में “निश्चय मित्र” योजना की अहम भूमिका मानी जा रही है। पोषण किट मिलने से मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे वे जल्दी स्वस्थ हो पाते हैं।
स्वास्थ्य और समाज के लिए मजबूत कदम
यह पहल सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सहारा देने का एक अच्छा उदाहरण भी है। इससे यह संदेश भी जाता है कि सामुदायिक सहयोग से बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटा जा सकता है।
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