Ranchi : झारखंड में नर्सिंग शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। राज्य सरकार नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए तय न्यूनतम 40 परसेंटाइल को घटाकर 25 परसेंटाइल करने पर विचार कर रही है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इसके लिए नई नियमावली का मसौदा तैयार किया है। इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले राज्य कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद ही नर्सिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए नया नियम लागू किया जाएगा।
अभी 40 परसेंटाइल से कम वालों को नहीं मिलता मौका
अभी तक Jharkhand Combined Entrance Competitive Examination Board (JCECEB) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में कम से कम 40 परसेंटाइल अंक लाना जरूरी होता है। अगर कोई अभ्यर्थी इससे कम अंक लाता है, तो वह प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाता है। लेकिन नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद 25 परसेंटाइल अंक लाने वाले उम्मीदवार भी नर्सिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए पात्र माने जाएंगे।
नर्सिंग शिक्षा का तेजी से बढ़ा नेटवर्क
पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में नर्सिंग शिक्षा का काफी विस्तार हुआ है। राज्य में सरकारी और निजी मिलाकर बड़ी संख्या में नर्सिंग कॉलेज खुल चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित नर्सों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए राज्य में नर्सिंग संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ाई गई है।
अब ज्यादा छात्रों को मिलेगा एडमिशन का मौका
न्यूनतम परसेंटाइल कम होने से ज्यादा छात्र प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इससे उन कॉलेजों को भी फायदा होगा जहां हर साल कुछ सीटें खाली रह जाती हैं। इस फैसले से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों को भी नर्सिंग कोर्स में पढ़ने का मौका मिल सकता है।
क्या होते हैं क्वालीफाइंग मार्क्स
क्वालीफाइंग मार्क्स वह न्यूनतम अंक होते हैं, जिनके बिना कोई भी उम्मीदवार प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकता। अब तक नियम यह था कि प्रवेश परीक्षा में कम से कम 40 परसेंटाइल अंक लाना जरूरी है। प्रस्ताव लागू होने के बाद 25 परसेंटाइल अंक लाने वाले उम्मीदवार भी एडमिशन के लिए योग्य माने जाएंगे।
राज्य में नर्सिंग की 2500–3000 सीटें
झारखंड में अलग-अलग नर्सिंग कोर्स और संस्थानों में कुल सीटों की संख्या लगभग 2500 से 3000 के बीच बताई जाती है।
कोर्स के अनुसार सीटों का अनुमान इस तरह है :
- एएनएम कोर्स : लगभग 1500 से ज्यादा सीटें
- जीएनएम कोर्स : करीब 300 सीटें
- बीएससी नर्सिंग : लगभग 600 से 800 सीटें
विशेषज्ञों ने जताई गुणवत्ता की चिंता
हालांकि इस फैसले से ज्यादा छात्रों को अवसर मिलने की संभावना है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों ने नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि नर्सिंग स्वास्थ्य सेवा की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में प्रवेश मानदंड कम करने के साथ-साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता और संस्थानों की निगरानी भी मजबूत होनी चाहिए।
राज्य में 100 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार झारखंड में इस समय करीब 100 से 105 नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें सरकारी कॉलेज, निजी संस्थान, ट्रस्ट द्वारा संचालित कॉलेज और मेडिकल कॉलेजों से जुड़े नर्सिंग संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक नर्सिंग जैसे कोर्स पढ़ाए जाते हैं।
प्रमुख सरकारी संस्थानों में सीटें
राज्य के कुछ बड़े सरकारी मेडिकल संस्थानों में नर्सिंग सीटों की स्थिति इस तरह है:
- Rajendra Institute of Medical Sciences, रांची : 50 सीट
- Patliputra Medical College and Hospital, धनबाद : 40 सीट
- Mahatma Gandhi Memorial Medical College, जमशेदपुर : 30 सीट
यानी इन प्रमुख संस्थानों में ही करीब 120 सीटें उपलब्ध हैं।
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