Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»किसने डिजाइन किया भारत का तिरंगा? जानिए पिंगली वेंकैया की पूरी कहानी
    जोहार ब्रेकिंग

    किसने डिजाइन किया भारत का तिरंगा? जानिए पिंगली वेंकैया की पूरी कहानी

    Joharlive NetworkBy Joharlive NetworkAugust 2, 2026No Comments3 Mins Read5
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    जब आप तिरंगे को लहराते हुए देखते हैं, तो आपके दिमाग में सबसे पहले क्या ख्याल आता है?

    जज्बा, जुनून और देशभक्ति या अपने देश के प्रति सम्मान और उसकी पहचान?

    लेकिन क्या कभी आपके मन में यह सवाल आया है कि भारत के इस तिरंगे को डिजाइन किसने किया था?

    चलिए, आज हम उसी शख्स की कहानी जानते हैं.

    शुरुआत से शुरू करते हैं..

    भारत के राष्ट्रीय ध्वज को डिजाइन करने वाले विभूति का नाम पिंगली वेंकैया है. पिंगली वेंकैया वर्तमान आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के भटलापेनुमरु गांव के रहने वाले थे. उनका जन्म 2 अगस्त 1876 को इसी गांव में हुआ था. यह गांव वर्तमान में मछलीपट्टनम के पास स्थित है.

    उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मद्रास (अब चेन्नई) में प्राप्त की और आगे की पढ़ाई लाहौर में की. वे संस्कृत, उर्दू और जापानी भाषा सहित कई विषयों के जानकार माने जाते थे. पढ़ाई के बाद उन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में सैनिक के रूप में सेवा की. बाद में वे कृषि और भूविज्ञान के अध्ययन एवं शोध से भी जुड़े. उनकी बहुमुखी प्रतिभा के कारण उन्हें कृषि वैज्ञानिक और भूविज्ञान के जानकार के रूप में भी पहचान मिली.

    जहां से पिंगली स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े

    ब्रिटिश भारतीय सेना में सेवा के दौरान वे दक्षिण अफ्रीका गए. वहीं पिंगली वेंकैया की मुलाकात महात्मा गांधी से हुई. इसके बाद वे गांधीजी के विचारों से प्रभावित हुए और धीरे-धीरे उनके करीब आते चले गए. वे स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से काम करने लगे.

    उस दौर में देश पर अंग्रेजों का शासन था. पिंगली वेंकैया ने महसूस किया कि स्वतंत्रता आंदोलन के लिए कोई ऐसा सर्वमान्य राष्ट्रीय ध्वज नहीं है, जो सभी स्वतंत्रता सेनानियों और देशवासियों को एकजुट कर सके. समय-समय पर कई तरह के झंडे सामने आए, लेकिन उनमें से कोई भी सर्वमान्य नहीं बन पाया.

    इसके बाद उन्होंने विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वजों का अध्ययन करना शुरू किया. इसी दौरान उन्होंने एक ऐसे झंडे की कल्पना की, जो भारत की स्वतंत्रता की भावना और उसकी विविधता को प्रदर्शित कर सके.

    एक राष्ट्रीय गाथा तिरंगे की

    साल 1921 में विजयवाड़ा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान पिंगली वेंकैया ने महात्मा गांधी के सामने अपने झंडे का एक प्रारूप प्रस्तुत किया. उनके शुरुआती डिजाइन में लाल और हरे रंग की दो पट्टियां थीं. बाद में इसमें सफेद रंग को शामिल करने का सुझाव दिया गया. झंडे के बीच चरखे का प्रतीक भी रखा गया, जो उस समय स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण प्रतीक था.

    स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस झंडे का स्वरूप समय के साथ विकसित होता रहा. वर्ष 1931 में केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टियों वाले चरखे के झंडे को कांग्रेस ने स्वीकार किया.

    आजादी के करीब आते ही स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज को लेकर विचार-विमर्श शुरू हुआ. आखिरकार, 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने केसरिया, सफेद और हरे रंग की तीन पट्टियों तथा बीच में अशोक चक्र वाले तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार कर लिया. दिन 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के साथ यही तिरंगा स्वतंत्र भारत की राष्ट्रीय पहचान बन गया.

    Also Read : झारखंड विधानसभा: 11 साल पहले पूछा था सवाल, आज तक ढूंढा जा रहा जवाब

    12 PM पिंगली वेंकैया ब्रिटिश भारतीय सेना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleझारखंड विधानसभा: 11 साल पहले पूछा था सवाल, आज तक ढूंढा जा रहा जवाब
    Next Article मॉस्को की वांटेड प्रेरणा की तलाश में झारखंड सीआईडी, 24 जिलों के एसपी से मांगी मदद

    Related Posts

    जेपीएससी / जेएसएससी

    Johar Live Exclusive : 14वीं JPSC और FRO परीक्षा में लालू यादव की भूमिका पर सीआईडी का बड़ा दावा, 8 लाख का चेक और दूसरे अभ्यर्थी की OMR कॉपी बरामद

    September 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : 26 बच्चों की हार्ट सर्जरी का खर्च उठाएगी सरकार, स्वास्थ्य मंत्री बोले- पैसों की कमी से नहीं रुकेगा इलाज

    September 21, 2026
    जेपीएससी / जेएसएससी

    Johar Live Exclusive : FRO परीक्षा घोटाला : सीआईडी और एफएसएल की जांच में खुलासा, एफआरओ की परीक्षा में धांधली की हुई पुष्टि

    September 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    बिहार : जमुई घटना पर मंत्री श्रेयसी सिंह बोलीं- समाज को शर्मसार करने वाली घटना, JDU ने बताया छिटपुट मामला

    September 21, 2026
    क्राइम

    Johar Live Exclusive : हजारीबाग डीआईजी की रिपोर्ट, बच्चा गुमशुदगी के मामले में पुलिस गंभीर नहीं, पांच जिलों के एसपी से ली रिपोर्ट

    September 21, 2026
    क्राइम

    बिहार : जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी पर भड़के राहुल गांधी, पूछा- राज्य की सड़कों पर बेटियां सुरक्षित क्यों नहीं?

    September 21, 2026
    Latest Posts

    Johar Live Exclusive : 14वीं JPSC और FRO परीक्षा में लालू यादव की भूमिका पर सीआईडी का बड़ा दावा, 8 लाख का चेक और दूसरे अभ्यर्थी की OMR कॉपी बरामद

    September 21, 2026

    झारखंड : 26 बच्चों की हार्ट सर्जरी का खर्च उठाएगी सरकार, स्वास्थ्य मंत्री बोले- पैसों की कमी से नहीं रुकेगा इलाज

    September 21, 2026

    Johar Live Exclusive : FRO परीक्षा घोटाला : सीआईडी और एफएसएल की जांच में खुलासा, एफआरओ की परीक्षा में धांधली की हुई पुष्टि

    September 21, 2026

    बिहार : जमुई घटना पर मंत्री श्रेयसी सिंह बोलीं- समाज को शर्मसार करने वाली घटना, JDU ने बताया छिटपुट मामला

    September 21, 2026

    रांची में सजेगा बिजनेस का सबसे बड़ा मेला : मोरहाबादी में भूमि पूजन के साथ ‘एक्सपो उत्सव 2026’ की तैयारियां शुरू

    September 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.