जितपुर खनन परियोजना क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी अच्छी पहल शुरू की गई है. टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड और अदाणी फाउंडेशन की ओर से 15 युवाओं को एलएमवी यानी लाइट मोटर व्हीकल चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. इनमें 13 युवक और 2 युवतियां शामिल हैं. यह प्रशिक्षण एक महीने तक चलेगा. इसका मकसद युवाओं को ड्राइविंग का हुनर सिखाकर उन्हें नौकरी या अपना काम शुरू करने के लिए तैयार करना है. प्रशिक्षण के लिए सभी युवाओं को गोड्डा के दीक्षित ऑटो ड्राइविंग सेंटर भेजा गया है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत पहाड़पुर की पंचायत प्रधान मेरी मार्गरेट ने हरी झंडी दिखाकर की. उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के समय में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि कोई काम सीखना भी बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग से युवाओं को आगे नौकरी पाने में मदद मिलेगी. साथ ही वे चाहें तो ड्राइविंग के जरिए अपना काम भी शुरू कर सकते हैं. इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेंगे.
सिर्फ गाड़ी चलाना ही नहीं, सड़क सुरक्षा भी सीखेंगे
एक महीने की ट्रेनिंग में युवाओं को गाड़ी चलाने के साथ-साथ सड़क पर सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों की जानकारी भी दी जाएगी. प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी मिलेगी. उन्हें बताया जाएगा कि सड़क पर वाहन चलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किस तरह दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है.
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा. कंपनी की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में उनके लिए नौकरी के अवसर तलाशने की कोशिश की जाएगी. इससे युवाओं को ट्रेनिंग लेने के बाद रोजगार की तलाश में ज्यादा परेशानी नहीं होगी और उनके पास कमाई का एक नया रास्ता तैयार हो सकेगा.
स्थानीय युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करना मकसद
कार्यक्रम का संचालन परियोजना प्रमुख रितेश कुमार तिवारी ने किया. उन्होंने कहा कि कंपनी का मकसद क्षेत्र के युवाओं को ऐसा कौशल देना है, जिससे वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें. उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास पर लगातार काम किया जा रहा है. ड्राइविंग ट्रेनिंग भी इसी कोशिश का हिस्सा है.
जितपुर खनन परियोजना के तहत स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आजीविका से जुड़े कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. ड्राइविंग प्रशिक्षण की यह पहल भी उसी कड़ी का हिस्सा है. इससे स्थानीय युवाओं को एक ऐसा हुनर मिलेगा, जिसके जरिए वे नौकरी के साथ भविष्य में अपना छोटा-मोटा काम भी शुरू कर सकते हैं.
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