जोहर लाइव ब्यूरो
रांची: झारखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. अब सड़क किनारे ठेले-खोमचे से लेकर बड़े होटलों और प्रतिष्ठानों तक बिकने वाले खाद्य पदार्थों की सघन जांच होगी. बुधवार से पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान शुरू किया जाएगा. इस दौरान खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे और उनमें मिलावट, दूषण या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित लोगों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
यह फैसला स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में लिया गया. बैठक में सभी जिलों के अभिहित पदाधिकारी और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी शामिल हुए.
गोलगप्पे से होटल के खाने तक होगी जांच
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच का दायरा केवल मिठाई, पनीर या कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थों तक सीमित न रखा जाए. गोलगप्पे, समोसे और ठेले-खोमचे पर बिकने वाले अन्य खाद्य पदार्थों से लेकर बड़े होटलों में परोसे जाने वाले खाद्य उत्पादों तक के सैंपल लिए जाएं.
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट या दूषण पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
अधिकारी खुद उतरेंगे मैदान में
अभियान की निगरानी के लिए संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज कुमार प्रसाद को खुद फील्ड में जाकर जांच करने का निर्देश दिया गया है. वे खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के साथ जांच की प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे. गड़बड़ी मिलने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित कराएंगे. सभी जिलों के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों, अभिहित पदाधिकारियों और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों को भी नियमित रूप से जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.
आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों की जांच को विशेष महत्व दिया गया है. त्योहारों के दौरान बाजारों में खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है और बड़ी संख्या में ठेले-खोमचे भी लगते हैं. ऐसे में मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान को तेज किया जाएगा. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि बाजार में मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री बिक्री के लिए उपलब्ध न हो.
रांची और धनबाद में चलेंगे मोबाइल जांच वाहन
खाद्य पदार्थों की मौके पर प्राथमिक जांच की सुविधा के लिए राज्य में तीन चलंत जांच वाहन(Mobile Testing Vehicle) लगाए जाएंगे. इनमें दो वाहन रांची और एक वाहन धनबाद में लगाया जाएगा. जरूरत पड़ने पर इन वाहनों के जरिए मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच की जा सकेगी.
अपर मुख्य सचिव ने जांच में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है. रांची स्थित फूड सेफ्टी लैब में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और मेला-त्योहारों से पहले जांच में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की खरीद पूरी करने को कहा गया है.
दुर्गा पूजा से पहले होगी अभियान की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग जांच अभियान की नियमित समीक्षा करेगा. दुर्गा पूजा से पहले दोबारा बैठक कर सभी जिलों से लिए गए सैंपल, जांच के परिणाम और की गई कार्रवाई की जानकारी ली जाएगी.
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए.
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