टीबी से जूझ रहे मरीजों के इलाज में दवाओं के साथ पोषण को भी अहम माना जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए 25 सितंबर को हजारीबाग के बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अदाणी फाउंडेशन ने 80 टीबी मरीजों के बीच पोषण किट बांटी. गोंदुलपारा खनन परियोजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मरीजों को नियमित दवा लेने, इलाज बीच में नहीं छोड़ने और पौष्टिक भोजन के साथ साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी गई.
कार्यक्रम में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंजू प्रभा और सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर दीपक कुमार मौजूद रहे. डॉ. अंजू प्रभा ने मरीजों को टीबी के इलाज के दौरान दवा का पूरा कोर्स करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि इलाज के बीच दवा छोड़ना नहीं चाहिए. साथ ही मरीजों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन लेने पर भी जोर दिया गया.
पोषण किट के साथ बीमारी को लेकर जागरूकता
कार्यक्रम सिर्फ पोषण किट बांटने तक सीमित नहीं रहा. मरीजों को टीबी, नियमित उपचार और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई. डॉक्टर ने मरीजों को संतुलित आहार लेने और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक दवाएं नियमित रूप से लेने के लिए प्रेरित किया.
कार्यक्रम के आयोजन में अदाणी फाउंडेशन की टीम ने सीएचसी के साथ समन्वय किया और मरीजों तक पोषण किट पहुंचाने की व्यवस्था संभाली.
स्वास्थ्य के साथ शिक्षा और रोजगार पर भी काम
अदाणी फाउंडेशन की ओर से बड़कागांव क्षेत्र में स्वास्थ्य के अलावा शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं. स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के साथ सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े काम भी किए जा रहे हैं.
Also Read : एक्सप्लेनर : मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना इतना आसान क्यों नहीं? ज्ञानेश कुमार विवाद से समझिए पूरी प्रक्रिया

