जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं. शुक्रवार को नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. इसमें सहियाओं के भुगतान, संविदाकर्मियों के मानदेय, NHM कर्मियों को EPF का लाभ, डॉक्टरों के रिक्त पदों और स्वास्थ्य योजनाओं की वित्तीय प्रगति समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई.
बैठक में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक वित्त समेत स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल पदाधिकारी और परामर्शी मौजूद रहे.
सहियाओं के भुगतान में देरी नहीं होगी : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने सहियाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान में देरी पर स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सहिया बहनों को उनकी प्रोत्साहन राशि समय पर मिलनी चाहिए और भुगतान प्रक्रिया में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.
मंत्री ने भविष्य में राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि को राज्य मुख्यालय स्तर से सीधे भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इससे भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की बात कही गई है.
सहियाओं के काम को तकनीकी रूप से आसान बनाने के लिए उन्हें जल्द टैब उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है. इसके जरिए उनके काम को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सुगम बनाने की कोशिश होगी.
बैठक में संविदा पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई. मंत्री ने HIRS के माध्यम से राज्य मुख्यालय स्तर से मानदेय भुगतान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि भुगतान में होने वाली देरी को कम किया जा सके.
NHM कर्मियों को जल्द EPF का लाभ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने पर भी मंत्री ने जोर दिया. उन्होंने NHM कर्मियों को जल्द EPF का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया.
स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी है.
राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मंत्री ने मलेरिया मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने मलेरिया की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों की जमीनी स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया.
बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा हुई. जिन कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले वित्तीय खर्च कम पाया गया, उन पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. मंत्री ने अधिकारियों से उपलब्ध बजट का निर्धारित प्रावधानों के तहत समुचित उपयोग सुनिश्चित करने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा.
क्षेत्रीय फीडबैक के आधार पर होगा सुधार
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और क्षेत्र भ्रमण करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर स्वास्थ्य योजनाओं में जरूरी सुधार किए जाएं. उन्होंने विभागीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का जल्द समाधान, बेहतर समन्वय और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया. बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ समयबद्ध तरीके से आम लोगों तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए.
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