Ranchi : झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पंचवर्षीय चुनाव की मतगणना 20 मार्च से लगातार चल रही है। शुक्रवार 3 अप्रैल तक लगभग सभी जिला बार संघों में हुए मतदान के प्रथम प्राथमिकता के वोटों की गिनती पूरी कर ली गई है। अब इन वोटों की जांच में करीब दो दिन का समय लगेगा। इसके बाद ही द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती शुरू की जाएगी।
गड़बड़ी के आरोपों को किया गया खारिज
चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुछ प्रत्याशियों की ओर से गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। लेकिन चीफ रिटर्निंग ऑफिसर जस्टिस अंबुज नाथ ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। गजेंद्र कुमार, अजय कुमार, नेहा ठाकुर और अनामिका शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया गया। उन्होंने कहा कि ये शिकायतें चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली थीं। साथ ही उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को आगे की कार्रवाई के लिए स्टेट बार काउंसिल को भेज दिया गया है।
जांच में नहीं मिली कोई गड़बड़ी
इन आरोपों की जांच सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और सेवानिवृत्त जिला जज शिवनारायण सिंह को सौंपी गई थी। उन्होंने मतदान केंद्र के रजिस्टर, कुल पड़े वोट और बैलेट पेपर लेने के समय किए गए हस्ताक्षरों का मिलान किया। जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई। इसी आधार पर सभी आरोपों को खारिज कर दिया गया।
“मुझे एक भी वोट नहीं मिला” वाले दावे पर भी सवाल
अजय कुमार ने दावा किया था कि उन्हें एक भी वोट नहीं मिला, जबकि उनके भतीजे ने उन्हें वोट दिया था। लेकिन जब जांच के दौरान उनसे भतीजे का नाम और विवरण मांगा गया, तो वे यह जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद उनके दावे को भी प्रमाण के अभाव में खारिज कर दिया गया।
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