Gaya : सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को गया में उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. चंदन कुमार यादव ने बुधवार को अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रेस वार्ता कर पार्टी संगठन पर गंभीर आरोप लगाए।
डॉ. चंदन कुमार यादव ने मीडिया को बताया कि जदयू में अब संगठनात्मक लोकतंत्र खत्म हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी को सालों से मजबूत करने वाले समर्पित और पुराने ‘नीतीशवादी’ कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि कुछ गिने-चुने स्वयंभू नेता अपने करीबी लोगों को संगठन और सरकार में अहम पदों पर बैठा रहे हैं, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। डॉ. यादव ने बताया कि वे पिछले 20 से 25 वर्षों से छात्र जीवन के समय से ही सीएम नीतीश कुमार और जदयू के लिए काम करते आ रहे हैं। उन्होंने उस दौर में भी पार्टी का प्रचार किया, जब गया में राजद के बाहुबली नेताओं का प्रभाव था और कार्यकर्ता खुलकर राजनीति करने से डरते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने जान-माल की परवाह किए बिना पार्टी को मजबूत किया।
प्रदेश सचिव ने आरोप लगाया कि आज पार्टी की हालत यह है कि बिना पार्टी मुख्यालय में बैठे कुछ लोगों की परिक्रमा किए न तो कोई जिम्मेदारी मिलती है और न ही सीएम से मुलाकात संभव हो पाती है। ऐसे माहौल में समर्पित नीतीशवादी कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं बची है। इस्तीफे पर सफाई देते हुए डॉ. यादव ने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत नाराजगी के कारण नहीं, बल्कि पार्टी और नेतृत्व के हित में लिया गया है। उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक आदर्श बताते हुए कहा कि वे हमेशा उनके शुभचिंतक बने रहेंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का दुख रहेगा कि वे अपने जैसे लाखों पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को उनका हक नहीं दिला सके। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अपील की है कि उनके इस्तीफे को सहानुभूतिपूर्वक स्वीकार किया जाए।
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