Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»ट्रेंडिंग»AI की दौड़ में पीछे नहीं, नेतृत्व करेगा भारत : जीत अदाणी
    ट्रेंडिंग

    AI की दौड़ में पीछे नहीं, नेतृत्व करेगा भारत : जीत अदाणी

    Team JoharBy Team JoharFebruary 19, 2026Updated:February 19, 2026No Comments3 Mins Read5
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    AI
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    New Delhi : इंडिया AI समिट 2026 के मंच से जीत अदाणी ने साफ कहा कि भारत को AI का सिर्फ इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि उसे बनाने और नियंत्रित करने वाला राष्ट्र बनना होगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ताकत, आर्थिक मजबूती और वैश्विक प्रभाव का नया आधार बन चुका है।

    “हर दौर को एक तकनीक ने बदला, अब AI की बारी”

    जीत अदाणी ने कहा कि इतिहास गवाह है—बिजली ने उद्योग बदले, तेल ने दुनिया की राजनीति की दिशा तय की और इंटरनेट ने पूरी अर्थव्यवस्था को बदल दिया। अब वही भूमिका AI निभाने जा रहा है। उनका कहना था कि असली सवाल यह नहीं है कि भारत AI अपनाएगा या नहीं, बल्कि यह है कि भारत अपनी AI खुद बनाएगा या दूसरों पर निर्भर रहेगा।

    भारत का लक्ष्य नियंत्रण नहीं, संतुलन

    उन्होंने कहा कि भारत का उदय किसी पर प्रभुत्व जमाने के लिए नहीं है, बल्कि दुनिया में संतुलन और स्थिरता लाने के लिए है।
    लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी—अगर हमारे पास अपनी क्षमता नहीं होगी, तो समावेश भी कमजोरी बन जाएगा और संप्रभुता विदेशी निर्भरता में बदल सकती है।

    AI ताकत के तीन बड़े स्तंभ

    ऊर्जा है सबसे बड़ी जरूरत : जीत अदाणी ने कहा कि AI सिस्टम को भारी मात्रा में बिजली चाहिए। अगर पावर सिस्टम मजबूत नहीं होगा तो AI भी मजबूत नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि सोलर और विंड एनर्जी अब सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में ग्रीन एनर्जी और AI डेटा सेंटर साथ-साथ विकसित होंगे।

    क्लाउड पर भारत का नियंत्रण : उन्होंने कहा कि पहले देश अपनी सुरक्षा के लिए सेना बनाते थे, आज के समय में डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उतने ही जरूरी हैं। अगर भारत का डेटा विदेशों में रहेगा, तो हमारी डिजिटल ताकत भी बाहरी नियंत्रण में रहेगी। इसलिए देश में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाना जरूरी है।

    सेवाओं में आत्मनिर्भरता : जीत अदाणी ने कहा कि IT क्रांति में भारत ने दुनिया को सेवाएं दीं, लेकिन ज्यादा फायदा बाहर की कंपनियों को मिला। AI भारत को यह मौका देता है कि वह किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स और छोटे शहरों तक विकास पहुंचाने के लिए अपनी तकनीक खुद तैयार करे।

    100 अरब डॉलर निवेश का जिक्र

    उन्होंने Adani Group के चेयरमैन द्वारा घोषित 100 अरब डॉलर के निवेश का जिक्र करते हुए कहा कि यह निवेश ग्रीन एनर्जी आधारित AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में लगाया जाएगा। उन्होंने इसे भारत के तकनीकी इतिहास का एक बड़ा और परिवर्तनकारी कदम बताया।

    “आज़ादी विरासत में मिली, अब मजबूत बनाना हमारी जिम्मेदारी”

    अपने संबोधन के आखिर में जीत अदाणी ने भावुक अंदाज में कहा कि उनकी पीढ़ी को आजादी विरासत में मिली है, लेकिन अब उसे मजबूत और सुरक्षित रखना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक राष्ट्रवाद का मतलब सिर्फ नारे नहीं, बल्कि क्षमता, मजबूती और सही क्रियान्वयन है।

    “भारत नेतृत्व करेगा”

    उन्होंने विश्वास जताया कि AI की आने वाली सदी भारत की पहचान के साथ जुड़ी होगी। उनका कहना था कि भारत इस बदलाव का सिर्फ हिस्सा नहीं बनेगा, बल्कि नेतृत्व करेगा—और ऐसी तकनीक बनाएगा जो पूरी मानवता के लिए फायदेमंद हो।

    Also Read : झारखंड के थानों को अब दिखाना होगा अपना ‘अच्छा काम’, हर महीने देनी होगी रिपोर्ट

    $100 Billion Investments 100 बिलियन डॉलर निवेश Adani Group AI India AI Investments AI इंडिया AI निवेश artificial intelligence Cloud Infrastructure Data Centers Digital Sovereignty green energy India AI Summit 2026 Indian Economy Jeet Adani Modern Nationalism Technological Self-Reliance Technology Leadership अदाणी ग्रुप आधुनिक राष्ट्रवाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडिया AI समिट 2026 क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रीन एनर्जी जीत अदाणी टेक्नोलॉजी लीडरशिप डिजिटल संप्रभुता डेटा सेंटर तकनीकी आत्मनिर्भरता भारतीय अर्थव्यवस्था.
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleपूर्व मंत्री योगेन्द्र साव पत्नी निर्मला देवी के साथ गिरफ्तार, NTPC के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन
    Next Article हटिया स्टेशन पर ‘आग’ का अलार्म, NDRF-RPF ने दिखाई दमदार तैयारी (VIDEO)

    Related Posts

    आदिवासी

    ‘पहले वनाधिकार, फिर मेगा प्रोजेक्ट’. ग्रेट निकोबार में ट्राइबल काउंसिल का सरकार को संदेश

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड की दीपाली रिया अब मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 में दिखाएंगी दम

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    अब सिर्फ ISRO नहीं… प्राइवेट कंपनी ने भी अंतरिक्ष में उड़ाया भारत का रॉकेट

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंडः जयराम के बाद इरफान अंसारी ने किया सोनम वांगचुक का समर्थन

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    कौन थीं कादंबिनी गांगुली? भारत की पहली महिला डॉक्टर

    July 18, 2026
    आदिवासी

    चिता पर लेटीं आदिवासी महिलाएं, आखिर क्यों उठी ‘मौत या न्याय’ की मांग?

    July 17, 2026
    Latest Posts

    झारखंड: संजय सेठ के बयान पर इरफान अंसारी का पलटवार, कहा— ‘राजनीति छोड़िए, झारखंड के लिए एम्स लाइए’

    July 18, 2026

    72th National Film Award : ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को बेस्ट एक्टर

    July 18, 2026

    झारखंड : मईयां सम्मान योजना से महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई पहचान

    July 18, 2026

    ‘पहले वनाधिकार, फिर मेगा प्रोजेक्ट’. ग्रेट निकोबार में ट्राइबल काउंसिल का सरकार को संदेश

    July 18, 2026

    नक्सलमुक्त भारत के दावों के बीच ‘चारू फोर्टनाइट’ को लेकर क्यों अलर्ट पर हैं सुरक्षा एजेंसियां?

    July 18, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.