72th National Film Award : शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की गई. इस वर्ष ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, जबकि ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म चुना गया.
अभिनय श्रेणी में यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ में उनके उम्दा प्रदर्शन के लिए लीडिंग रोल में बेस्ट एकट्रेस का पुरस्कार दिया गया. वहीं, ममूटी को ‘ब्रमायुगम’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए संयुक्त रूप से लीडिंग रोल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला.
क्षेत्रीय फिल्मों के प्रमुख विजेता
विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों को भी सम्मानित किया गया। प्रमुख विजेताओं में शामिल हैं:
- सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म: रायन
- सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म: कमेटी कुर्रोल्लू
- सर्वश्रेष्ठ ओड़िया फिल्म: लाहरी
- सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म: मुक्काम पोस्ट बॉम्बिलवाड़ी
- सर्वश्रेष्ठ मणिपुरी फिल्म: सुनीता
इसके अलावा ‘कैप्टन मिलर’ और ‘मेय्याझगन’ को स्पेशल मेंशन से सम्मानित किया गया.
गैर-फीचर फिल्मों के विजेता
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में ‘भंगार (ऑब्सोलीट)’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला. ‘मैं निदा’ को सर्वश्रेष्ठ कला एवं संस्कृति फिल्म, जबकि ‘हमसफर’ को सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट फिल्म का सम्मान प्रदान किया गया.
जानें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का इतिहास
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी. इसका उद्देश्य भारतीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने और विभिन्न भारतीय भाषाओं की उत्कृष्ट फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करना था. प्रारंभ में इन्हें ‘स्टेट अवॉर्ड्स फॉर फिल्म्स’ कहा जाता था और पहली बार तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ये पुरस्कार प्रदान किए थे.
पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (1954) में:
- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म (President’s Gold Medal): श्यामची आई (मराठी)
- सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म: महात्मा गांधी
- सर्वश्रेष्ठ बच्चों की फिल्म: जागृति
शुरुआत में केवल तीन श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते थे, लेकिन समय के साथ विभिन्न भाषाओं और तकनीकी श्रेणियों को शामिल किया गया. साल 1968 में इन पुरस्कारों का आधिकारिक नाम बदलकर “नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स” कर दिया गया.

