जोहर लाइव ब्यूरो
मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार यानि की आज उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ सड़क पर उतरे हैं. शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं के साथ हजारों लोग मार्च में शामिल हुए. मेट्रो स्टेशन से शुरू हुआ यह मार्च महानगरपालिका भवन तक जाएगा, जहां उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे समेत अन्य नेता सभा को संबोधित करेंगे.
दोनों दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है.
‘चुनाव आयोग हटाओ, देश बचाओ’ का नारा
शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने से प्रदर्शन को नई ताकत मिली है. उन्होंने इसे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बताया.
सावंत ने आरोप लगाया कि देशभर में चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों ठाकरे भाइयों के एक मंच पर आने से इस मुद्दे को और मजबूती मिली है. प्रदर्शन के दौरान ‘चुनाव आयोग हटाओ, देश बचाओ’ के नारे भी लगाए गए.
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी प्रदर्शन को लेकर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में चुनावों को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के हवाले से विपक्ष का दावा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी. विपक्ष का आरोप है कि कुछ फैसले और आदेश दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए. इन्हीं आरोपों को लेकर विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
10 अक्टूबर को कॉकरोच दिल्ली आएंगे- अभिजीत दीपके
इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है. उन्होंने 2 अक्टूबर को कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को देशभर से लोग दिल्ली पहुंचेंगे.
दीपके ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चलकर विरोध किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी जगह रोकती है तो वही जगह उनके लिए ‘जंतर-मंतर’ होगी.
मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे का एक मंच पर आना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम राजनीतिक पहलू रहा. दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही दूरी के बाद यह साझा प्रदर्शन महाराष्ट्र की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है.
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