Patna : पटना समेत पूरे बिहार में घरों और अपार्टमेंट्स में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन देने के नियम अब और सख्त हो गए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) की गाइडलाइन के अनुसार, रसोई में खिड़की या अच्छा वेंटिलेशन होना अब जरूरी है। गैस कंपनी और अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद है गैस रिसाव की स्थिति में घर वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
खिड़की न होने पर हजारों घरों का कनेक्शन अटका
सूत्रों के मुताबिक, पटना समेत पूरे राज्य में करीब 40 हजार घरों को अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है क्योंकि उनकी रसोई में खिड़की या वेंटिलेशन नहीं है। सिर्फ पटना में ही ऐसे 5000 घर हैं। एक गैस कंपनी अधिकारी ने बताया, “अपार्टमेंट, घर, हॉस्टल या किसी भी भवन में रसोई की खिड़की जरूरी है। बिना खिड़की के हम पीएनजी कनेक्शन नहीं दे सकते। अगर खिड़की नहीं है, तो कुछ विकल्प दिए जा रहे हैं, लेकिन सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि रसोई में हवा का बहाव बना रहे।”
गाइडलाइन में क्या-क्या जरूरी
- पीएनजी कनेक्शन के लिए कुछ चीजें अनिवार्य हैं:
- रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन होना चाहिए।
- रसोई में खुली जगह और रोशनी जरूरी है।
- पाइप फिटिंग मानक के अनुसार लगाई जानी चाहिए।
- लीकेज टेस्ट और सुरक्षा वाल्व, रेगुलेटर की जांच अनिवार्य है।
इससे न सिर्फ गैस रिसाव का खतरा कम होता है, बल्कि आपात स्थिति में धुआं या गैस जल्दी बाहर निकल जाती है।
गैस रिसाव का खतरा कम, सुरक्षा बढ़ेगी
विशेषज्ञ बताते हैं कि पीएनजी ज्वलनशील गैस है। अगर रसोई में खिड़की होगी, तो हवा का प्रवाह बना रहेगा और गैस जमा नहीं होगी। इससे विस्फोट या दम घुटने का खतरा बहुत कम हो जाएगा। साथ ही वेंटिलेशन के जरिए कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसें बाहर निकलती रहती हैं, जिससे घर वालों की सुरक्षा बढ़ती है।
बिहार में 2030 तक 38 लाख घरों तक गैस पहुँचाने का लक्ष्य
बिहार में 2030 तक 38 लाख घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। गैस मंत्रालय की योजना के तहत पटना में लगभग 2 लाख घरों तक गैस पहुंचाना मुख्य लक्ष्य है। अभी तक पूरे बिहार में करीब 2.90 लाख घरों में पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि पटना में लगभग 29 हजार घरों में यह सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। अधिकारियों और गैस कंपनी के अनुसार जैसे-जैसे यह लक्ष्य पूरा होगा, रसोई में खिड़की और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती और बढ़ाई जाएगी, ताकि घर में रहने वाले लोग पूरी तरह सुरक्षित रहें और गैस उपयोग के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
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