Ranchi : जमशेदपुर और टाटानगर के आसपास रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल शुरू हुई है। क्षेत्र के सांसद बिद्युत बरण महतो ने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा की।
पांड्रासाली-कांड्रा के बीच दो नई रेल लाइनें
बैठक में पांड्रासाली से कांड्रा के बीच चौथी और पांचवीं रेलवे लाइन बिछाने पर सहमति बनी। करीब 42 किलोमीटर लंबी यह नई लाइन चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत बनाई जाएगी। इसके बनने से मालगाड़ियों को नया बाईपास मिलेगा, जिससे उन्हें मुख्य हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मालगाड़ियों के लिए बाईपास, यात्रियों को राहत
नई रेल लाइन बनने से राजखरसावां और सीनी जैसे स्टेशनों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इससे मालगाड़ियों का संचालन अलग से हो सकेगा और यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या में काफी कमी आएगी। इसके साथ ही ट्रेनों के समय पर चलने की संभावना भी बढ़ेगी।
सैटेलाइट स्टेशन से कम होगा दबाव
टाटानगर के पास एक नया सैटेलाइट स्टेशन बनाने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है। यह स्टेशन एक आधुनिक कोचिंग टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां ट्रेनों का आगमन, प्रस्थान, रखरखाव और ठहराव की सुविधा होगी, जिससे मुख्य टाटानगर स्टेशन पर दबाव कम होगा।
सर्वे के लिए मिली मंजूरी
रेल मंत्रालय ने इन दोनों परियोजनाओं के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे की मंजूरी दे दी है। इसके लिए लगभग 1.812 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह सर्वे पूरा होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
865 करोड़ की अन्य योजनाएं भी प्रस्तावित
सांसद ने बैठक में अन्य बड़ी परियोजनाओं को भी जल्द मंजूरी देने की मांग की।
- करीब 482 करोड़ रुपये की लागत से टाटानगर स्टेशन पर चार नए प्लेटफॉर्म और लूप लाइन का निर्माण
- लगभग 383.78 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत कोच डिपो का निर्माण
ये दोनों योजनाएं फिलहाल रेलवे बोर्ड के पास मंजूरी के लिए लंबित हैं।
नई ट्रेन सेवाओं पर भी चर्चा
बैठक में टाटानगर से जयपुर और बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन सेवाओं पर भी चर्चा हुई। रेल मंत्रालय ने टाटा-जयपुर मार्ग को छोटा करने का सुझाव दिया है, ताकि यात्रा समय कम किया जा सके। वहीं टाटा-बेंगलुरु के लिए नए रूट पर भी विचार किया जा रहा है।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
इन सभी योजनाओं के लागू होने से जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में रेल सेवाएं बेहतर होंगी। यात्री सुविधाओं में सुधार होगा और ट्रेनों की समयबद्धता बढ़ेगी। यह पहल क्षेत्र के विकास और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


