Purulia (West Bengal): बंगाल में चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण पर है. सभी राजनितिक पार्टियां अपने अपने वोटरो को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। एक तरफ इंडी अलायंस के नेता है जो बंगाल पर ममता बनर्जी के नाम की मुहर लगा रहें है तो वहीं दूसरी ओर एनडीए के नेता है जो इस वर्तमान सरकार को उखाड़ फेंकने की बात कर रहे। इन सबके वादे इरादे के बीच जो ख़ास बात है वो ये कि आखिर बंगाल कि जनता अपना जनादेश किसे देगी। ये तो समय ही बताएगा फिलहाल इसे लेकर आज उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ ने पुरुलिया में एक विशाल जनसभा को संबेधित किया।
जी हां ,पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों की बिसात बिछ चुकी है और इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरुलिया की जनसभा से तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। अपनी आक्रामक शैली के लिए पहचाने जाने वाले योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में हिंदू संस्कृति और आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
राम भक्त और दुर्गा पूजा विरोधी है सरकारः योगी
जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC को ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से नफरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार जानबूझकर राम मंदिर का विरोध करती है और राज्य में राम भक्तों को प्रताड़ित किया जाता है। योगी ने मंच से दावा किया कि बंगाल में स्थिति इतनी गंभीर है कि दुर्गा पूजा जैसे पवित्र त्योहारों के दौरान भी बाधाएं खड़ी की जाती हैं और विसर्जन के लिए अनुमति तक नहीं दी जाती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यहाँ तो हिंदू उत्सवों के दौरान कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए जाते हैं।
‘डबल इंजन’ का फॉर्मूला और यूपी मॉडल की गूंज
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के विकास और कानून-व्यवस्था के मॉडल को बंगाल के सामने पेश किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में सांस्कृतिक सम्मान, बेहतर कानून-व्यवस्था और चहुंमुखी विकास के लिए ‘डबल इंजन’ की सरकार का होना अनिवार्य है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह यूपी में कानून का राज स्थापित हुआ है, वैसा ही बदलाव बंगाल को भी चाहिए।
हिंदू हित की बात से होगा सत्ता का रास्ता साफ
यह रैली 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की आक्रामक रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा मानी जा रही है। पुरुलिया में योगी के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया और पूरा पंडाल “जय श्री राम” के नारों से गूंज उठा। योगी की यह जनसभा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि TMC की नीतियों के खिलाफ भाजपा द्वारा छेड़े गए वैचारिक युद्ध का संकेत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ का यह आक्रामक रुख बंगाल के उन मतदाताओं को साधने की कोशिश है जो हिंदू त्योहारों को लेकर TMC सरकार की नीतियों से लंबे समय से नाराज चल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि योगी के इन तीखे बयानों का बंगाल के आगामी चुनावों में क्या असर पड़ता है।
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