Chatra : चतरा जिले में प्रस्तावित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर अब प्रशासन ने रफ्तार पकड़ ली है। गिद्धौर प्रखंड के मंझगांवा में 50 एकड़ गैरमजरूआ जमीन चिन्हित कर जिला प्रशासन ने इसे अंतिम रूप देते हुए सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। उपायुक्त कीर्तिश्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव राहुल कुमार पुरवार को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। अब आगे की कार्रवाई विभागीय स्तर पर होगी।
मंझगांवा में एकमुश्त 50 एकड़ जमीन उपलब्ध
दरअसल, राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए 50 से 60 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इसी के बाद प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू की। अंचल अधिकारी की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि गिद्धौर के मंझगांवा में एक साथ 50 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इसके बाद अपर समाहर्ता ने पूरा प्रतिवेदन तैयार कर उपायुक्त को सौंपा और फिर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया।
वैकल्पिक जमीन भी तैयार, ताकि काम न रुके
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बैकअप प्लान भी तैयार रखा है। सदर, इटखोरी और कान्हाचट्टी अंचल के अंचल अधिकारियों ने भी मानक के अनुरूप जमीन चिन्हित कर रिपोर्ट दे दी है। अगर किसी कारण से मंझगांवा की जमीन पर तकनीकी दिक्कत या आपत्ति आती है, तो इन इलाकों में से किसी एक को आगे बढ़ाया जा सकता है। यानि प्रशासन नहीं चाहता कि विश्वविद्यालय की प्रक्रिया किसी भी वजह से अटक जाए।
सड़क, बिजली और पानी का रखा गया खास ख्याल
सूत्रों की मानें तो जमीन चुनते वक्त सिर्फ खाली जगह देखना ही मकसद नहीं था। यह भी देखा गया कि वहां तक अच्छी सड़क हो, बिजली और पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो। साथ ही यह भी ध्यान रखा गया कि जगह जिला मुख्यालय से बहुत दूर न हो, ताकि छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आने-जाने में परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बढ़ी रफ्तार
गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चतरा में इस विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर जमीन का प्रस्ताव मांगा गया था। अब जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेजे जाने के बाद उम्मीद है कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की टीम जल्द ही स्थल निरीक्षण के लिए चतरा पहुंच सकती है।
क्या बोले डीसी?
डीसी कीर्तिश्री ने साफ कहा है कि गिद्धौर के मंझगांवा में 50 एकड़ जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। अब विभाग के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले समय में चतरा जिले को अपना विश्वविद्यालय मिल सकता है, जिससे यहां के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
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