Ranchi : रांची नगर निगम के चुनाव परिणाम आने के बाद अब भाजपा, कांग्रेस और झामुमो की निगाहें डिप्टी मेयर के पद पर टिकी हुई हैं। तीनों दल इस पद के लिए अपनी-अपनी दावेदारी और संभावनाओं का आंकलन कर रहे हैं। भाजपा सबसे उत्साहित है, क्योंकि नगर निगम में लगभग दो दर्जन पार्षद पार्टी से जुड़े हैं। भाजपा महानगर अध्यक्ष वरुण साहू के अनुसार, भाजपा का स्वाभाविक दावा बनता है क्योंकि सर्वाधिक पार्षद भाजपा कार्यकर्ता ही हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से भी दावा ठोस है। वार्ड 18 की पार्षद आशा देवी लगातार तीसरी बार जीत चुकी हैं। कांग्रेस नेता राजेश गुप्ता छोटू का कहना है कि पार्टी डिप्टी मेयर के पद के लिए उनके नाम पर विचार करेगी। गौरतलब है कि आशा देवी राजेश गुप्ता की बड़ी बहन भी हैं।
पार्षदों की गिनती और समीकरण जुटाना
सभी दल अपने-अपने पार्षदों की गिनती कर रहे हैं और समीकरण बुन रहे हैं। भाजपा के मामले में प्रदेश नेतृत्व भी सक्रिय हो गया है। महानगर नेतृत्व से समर्थित पार्षदों की सूची मांगी गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि कौन पार्षद कितने दिनों से भाजपा से जुड़े हैं और पार्टी के लिए वे आगे क्या योगदान दे सकते हैं। सूची होली के बाद भेजी जाएगी और उसके बाद ही यह तय होगा कि किसे डिप्टी मेयर का प्रत्याशी बनाया जाए।
भाजपा के संभावित नामों पर विचार
भाजपा महानगर सूत्रों के अनुसार, वार्ड-1 से नकुल तिर्की, वार्ड-21 के पार्षद सुनील यादव, वार्ड-28 से रश्मि चौधरी, वार्ड-26 के प्रदीप कुमार और वार्ड-40 की सुचिता रानी रॉय के नामों पर विचार चल रहा है। ये सभी पार्षद दो या अधिक बार जीत चुके हैं। इनके नाम पर रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल और सांसद व केंद्रीय मंत्री संजय सेठ की राय भी ली जाएगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, इस बार कई पुराने चेहरे नहीं हैं, इसलिए नया चेहरा भी डिप्टी मेयर के लिए सामने आ सकता है।
झामुमो की रणनीति
झामुमो के संभावित दावेदार सोमवित मांझी थे, लेकिन वह चुनाव हार गए। अब झामुमो किसी अल्पसंख्यक उम्मीदवार पर दाव लगा सकता है। पार्टी फिलहाल केंद्रीय नेतृत्व के इशारे का इंतजार कर रही है। मामला फिलहाल होली तक टल गया है। होली के बाद ही सभी पार्टियां डिप्टी मेयर पद के लिए अंतिम निर्णय लेंगी।
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