Johar Live Desk : नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। करोड़ों के इनामी और संगठन के शीर्ष नेताओं में गिने जाने वाले तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी ने आखिरकार सरेंडर कर दिया है। बताया जा रहा है कि 22 फरवरी को तेलंगाना में सुरक्षाबलों के सामने उसने हथियार डाल दिए। उसके साथ मल्ला राजी रेड्डी समेत करीब 16 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया। इस खबर की पुष्टि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी की है।
कौन है देवजी?
देवजी कोई छोटा-मोटा नाम नहीं था। उसका असली नाम तिप्पिरी तिरुपति है और वह मूल रूप से तेलंगाना के करीमनगर का रहने वाला बताया जाता है। उसकी गिनती देश के सबसे बड़े नक्सली नेताओं में होती थी। उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वह नक्सलियों की मिलिट्री इंटेलिजेंस विंग का प्रमुख रह चुका है और सीएमसी (सेंट्रल मिलिट्री कमीशन) का इंचार्ज भी रहा। इसके अलावा वह पोलित ब्यूरो का सदस्य भी रह चुका है। करीब आठ महीने पहले ही संगठन में उसे महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बताया जाता है कि उसने गोवा, केरल और बंगाल में भी कई आंदोलनों का नेतृत्व किया था।
16 साथियों के साथ किया आत्मसमर्पण
देवजी अकेला नहीं था। उसके साथ मल्ला राजी रेड्डी समेत करीब 16 माओवादी साथियों ने भी हथियार डाल दिए। यह आत्मसमर्पण तेलंगाना के असीफाबाद के जंगलों में हुआ। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह कदम नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। इसे नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने क्या कहा?
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि देवजी लंबे समय से छत्तीसगढ़ में सक्रिय था। उन्होंने बताया कि बसव राजू के मारे जाने के बाद देवजी संगठन में बड़ा चेहरा बनकर उभरा था। उन्होंने कहा, “देवजी जैसे बड़े नक्सली कमांडर का सरेंडर होना एक बड़ी उपलब्धि है। हमें सूचना मिली है कि उसने तेलंगाना में आत्मसमर्पण किया है।”
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