Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»संसद का 250वां शीतकालीन सत्र : भारत की विकास यात्रा में निचले सदन से जमीन से जुड़ी चीजों का प्रतिबिंब झलकता है : पीएम मोदी
    जोहार ब्रेकिंग

    संसद का 250वां शीतकालीन सत्र : भारत की विकास यात्रा में निचले सदन से जमीन से जुड़ी चीजों का प्रतिबिंब झलकता है : पीएम मोदी

    Team JoharBy Team JoharNovember 18, 2019No Comments4 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Joharlive Desk

    नई दिल्ली : संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। आज ही राज्यसभा का 250वां सत्र है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और बीजू जनता दल की तारीफ करते हुए कहा कि एनसीपी और बीजेडी दो दल ऐसे हैं जिन्होंने खुद में यह अनुशासन तय किया है कि विरोध में वेल (सभापति के आसन के सामने का एक विशेष हिस्सा) में नहीं जाएंगे। ऐसा करने से न तो हमारी राजनीति में कमी आई और न ही एनसीपी की। पीएम ने कहा कि हमें और तमाम पार्टियों को बीजेडी और एनसीपी से सीखना चाहिए कि वेल में न जाकर भी जनता का दिल जीता जा सकता है।
    राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘राज्य सभा के 250वें सत्र के दौरान मैं यहां उपस्थित सभी सांसदों को बधाई देता हूं। लेकिन 250 सत्रों की ये जो यात्रा चली है, उसमें जिन-जिन सांसदों ने योगदान दिया है वो सभी अभिनंदन के अधिकारी हैं। मैं उनका आदरपूर्वक स्मरण करता हूं।’

    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘250 सत्र ये अपने आप में समय व्यतीत हुआ ऐसा नहीं है। एक विचार यात्रा रही। समय बदलता गया, परिस्थितियां बदलती गई और इस सदन ने बदली हुई परिस्थितियों को आत्मसात करते हुए अपने को ढालने का प्रयास किया। सदन के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं। कभी चर्चा चल रही थी संविधान निर्माताओं के बीच में कि सदन एक हो या दो हो, लेकिन अनुभव कहता है कि संविधान निर्माताओं ने जो व्यवस्था दी है वो कितनी उपयुक्त है। अगर निचला सदन जमीन से जुड़ा हुआ है तो दूसरा उच्च सदन दूर तक देख सकता है।’

    उन्होंने कहा, ‘भारत की विकास यात्रा में निचले सदन से जमीन से जुड़ी चीजों का प्रतिबिंब झलकता है, तो उच्च सदन से दूर दृष्टि का अनुभव होता है। इस सदन के दो खास पहलू हैं- पहला स्थायित्व, दूसरा विविधता। स्थायित्व इसलिए महत्वपूर्ण है कि लोकसभा तो भंग होती रहती है लेकिन राज्य सभा कभी भंग नहीं होती और विविधता इसलिए महत्वपूर्ण है कि क्योंकि यहां राज्यों का प्रतिनिधित्व प्राथमिकता है।’

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि राज्यसभा ने कई महत्वपू्र्ण विधेयक पास किए थे। उन्होंने कहा, ‘इस सदन का एक और लाभ भी है कि हर किसी के लिए चुनावी अखाड़ा पार करना बहुत सरल नहीं होता है, लेकिन देशहित में उनकी उपयोगिता कम नहीं होती है, उनका अनुभव, उनका सामर्थय मूल्यवान होता है। यदि हम राज्यसभा के 250वें सदन का विश्लेषण करें तो देखेंगे कि इसने कई विधेयकों को पास किया है जो आगे चलकर कानून बने हैं। जो देश में शासन को परिभाषित करते हैं।’

    प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे सदन के कुछ लोगों ने शासन व्यवस्था में निरंकुशता नहीं आने दी। उन्होंने कहा, ‘सदन की परिपक्वता थी जिसने तीन तालाक बिल को पारित किया, जो महिला सशक्तिकरण में एक प्रमुख कदम था। इसr सदन ने भारत में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण पारित किया था। हमारे देश में एक लंबा कालखंड ऐसा था जब विपक्ष जैसा कुछ खास नहीं था। उस समय शासन में बैठे लोगों को इसका बड़ा लाभ भी मिला। लेकिन उस समय भी सदन में ऐसे अनुभवी लोग थे जिन्होंने शासन व्यवस्था में निरंकुशता नहीं आने दी। ये हम सबके लिए स्मरणीय है।’

    उन्होंने कहा, ‘हमारे संविधान निर्माताओं ने हम लोगों को जो दायित्व दिया है, हमारी प्राथमिकता है कल्याणकारी राज्य लेकिन उसके साथ हमारी जिम्मेदारी है राज्यों का भी कल्याण। राज्य और केंद्र मिल करके देश को आगे बढ़ा सकते हैं। राज्यसभा सेकेंड हाउस है सेकेंडरी नहीं।’

    प्रधानमंत्री ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और बीजू जनता दल की तारीफ करते हुए कहा कि इन दोनों पार्टियों के सांसद हाउस के वेल में नहीं जाते हैं। यह उन्होंने खुद अनुशासन तय किया है। हमें और तमाम पार्टियों को बीजेडी और एनसीपी से सीखना चाहिए कि वेल में न जाकर भी जनता का दिल जीता जा सकता है। वह अपनी बात को बहुत प्रभावी ढंग से रखते हैं। वेल में न जाने के बावजूद उनका राजनीतिक विकास बढ़ा है।

    #National News #Online news Latest news
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleबिहार : विधान पार्षदों को मिला नया आशियाना, नीतीश ने सौंपी चाबी
    Next Article झारखंड विधानसभा चुनाव : दिग्गज नेताओं ने दिखाया अपना दम, सुदेश महतो, अजयनाथ शाहदेव समेत कई नेताओं ने किया नामांकन

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    ओडिशा में भी चिंता करेंगे कि बीजेपी को दलितों का अधिक से अधिक वोट मिलेः नवनियुक्त राज्यपाल ब्रजमोहन राम

    October 13, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    राहुल गांधी पर धक्का-मुक्की के आरोपों पर महुआ माजी बोलीं- हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, भीड़ में आगे बढ़ने के दौरान ऐसा होता है

    October 13, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    कर्नाटक : हाईकोर्ट ने 50 प्रतिशत सीमा SC-ST का बढ़ा आरक्षण रद्द, सिद्धारमैया ने भाजपा को घेरा

    October 13, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: साल 2004 से कभी जीत नहीं पाए चुनाव, अब सीधे बने राज्यपाल, जानिये ब्रजमोहन राम का पूरा पॉलिटिकल करियर क्या रहा

    October 13, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    देश के सभी हाईकोर्ट में भगवा समूह के जज बैठे हैं, ऐसे विचार वाले आसानी से जज बनाए जा रहे हैः पूर्व जस्टिस के चंद्रू

    October 13, 2026
    क्राइम

    झारखंड : धालभूमगढ़ में ओझा-गुनी और तंत्र-मंत्र के शक में भाई ने की दो सगी बहनों की कुल्हाड़ी से हत्या

    October 13, 2026
    Latest Posts

    ओडिशा में भी चिंता करेंगे कि बीजेपी को दलितों का अधिक से अधिक वोट मिलेः नवनियुक्त राज्यपाल ब्रजमोहन राम

    October 13, 2026

    राहुल गांधी पर धक्का-मुक्की के आरोपों पर महुआ माजी बोलीं- हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, भीड़ में आगे बढ़ने के दौरान ऐसा होता है

    October 13, 2026

    झारखंड : तीन साल से कोई नया केस नहीं, फिर भी रांची से किया गया था जिला बदर, हाईकोर्ट ने आदेश किया रद्द

    October 13, 2026

    झारखंड : नशा सिर्फ कानून व्यवस्था की नहीं, परिवार और समाज के भविष्य जुड़ा का गंभीर मुद्दा है – उमाशंकर सिंह

    October 13, 2026

    कर्नाटक : हाईकोर्ट ने 50 प्रतिशत सीमा SC-ST का बढ़ा आरक्षण रद्द, सिद्धारमैया ने भाजपा को घेरा

    October 13, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.