रांची/नई दिल्ली : राहुल गांधी पर महिला पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की के आरोपों के बीच झारखंड से राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा है कि INDIA गठबंधन का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता पहुंचे थे. भीड़ में सभी आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं, ऐसे में एक-दूसरे को धक्का लग सकता है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी तरफ से न तो धक्का-मुक्की हुई और न ही कार्यकर्ताओं ने ऐसा किया.
महुआ माजी ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल नेता पहले बस में जा रहे थे. कुछ दूर चलने के बाद वे ट्रक में बैठे और फिर बस में सवार हो गए. राहुल गांधी समेत गठबंधन के अन्य नेता भी साथ थे. उनके मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य जनता के अधिकारों की आवाज उठाना था, न कि किसी के साथ धक्का-मुक्की करना.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 12 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन किया था. इस दौरान विपक्षी नेता बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे थे. गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के मुद्दे पर विरोध जताया था.
इसी प्रदर्शन के दौरान Oneindia की पत्रकार रिचा पराशर ने राहुल गांधी पर हाथ पकड़कर खींचने और धक्का देने का आरोप लगाया. पत्रकार का दावा है कि वह उस समय तीन महीने की गर्भवती थीं और घटना के दौरान गिरने से उन्हें चोटें आईं. इस घटना का वीडियो भी सामने आया, लेकिन उपलब्ध फुटेज से यह स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं होता कि पत्रकार को राहुल गांधी ने ही धक्का दिया था.
कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है. पार्टी की ओर से वीडियो और घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए गए हैं. ऐसे में मामले में पत्रकार के आरोप और कांग्रेस के पक्ष के बीच विवाद बना हुआ है.
वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के मुद्दे पर क्या बोलीं महुआ माजी?
महुआ माजी ने कहा कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता देशहित और जनता के अधिकारों की आवाज उठाने के लिए प्रदर्शन में शामिल हुए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया के कारण वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में लोगों के नाम काटे जा रहे हैं. उनके मुताबिक, करीब 1 करोड़ 30 लाख लोगों के नाम काटे जाने का मुद्दा जनता की चिंता से जुड़ा है.
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में तय जगह की तुलना में अधिक लोग पहुंच गए थे. ऐसे में भीड़ होना स्वाभाविक था. उनके अनुसार, कार्यकर्ता जनता की आवाज बनकर आए थे और उनका उद्देश्य मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना था.
महुआ माजी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की वजह भी बताई
सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने के सवाल पर महुआ माजी ने कहा कि जब अन्याय होता है, तो न्याय के लिए अंतिम उम्मीद सुप्रीम कोर्ट ही होता है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से INDIA गठबंधन की ओर से न्याय की गुहार लगाई गई.
महुआ माजी के बयान के मुताबिक, गठबंधन का उद्देश्य मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर न्याय की मांग करना था. वहीं, प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की को लेकर उठे सवालों पर अब घटना के पूरे घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि अहम होगी.
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