धालभूमगढ़: अंधविश्वास और तांत्रिक अनुष्ठान से जुड़े शक ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि एक भाई पर अपनी ही दो सगी बहनों की हत्या का आरोप लगा है. पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ प्रखंड के बाबईदा गांव में स्वरूप टुडू पर अपनी बड़ी बहनों लक्ष्मी मुंडी (50) और दुलारी सोरेन (52) की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या करने का आरोप है.
बताया जा रहा है कि आरोपी ने दोनों बहनों को पूजा-पाठ और ओझा-गुनी के अनुष्ठान के बहाने घर बुलाया था. रात में जब दोनों सो रही थीं, तभी उन पर हमला किया गया. दोहरे हत्याकांड के बाद आरोपी खुद धालभूमगढ़ थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया. हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.
पूजा-पाठ के बहाने घर बुलाया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी स्वरूप टुडू ने बीती रात अपनी दोनों बहनों को ओझा-गुनी और पूजा-पाठ में शामिल होने के बहाने घर बुलाया था. बताया जा रहा है कि रात में पूजा-पाठ और अनुष्ठान का सिलसिला चला. इसके बाद जब दोनों बहनें सो रही थीं, तभी आरोपी ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिया. हमले में दोनों की मौत हो गई.
मृतकों की पहचान 50 वर्षीय लक्ष्मी मुंडी और 52 वर्षीय दुलारी सोरेन के रूप में हुई है. हालांकि, ओझा-गुनी या तंत्र-मंत्र से जुड़ा शक हत्या की वजह था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
हत्या के बाद थाने पहुंचा आरोपी
दोनों बहनों की हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार नहीं हुआ. वह सीधे धालभूमगढ़ थाने पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
अंधविश्वास के पहलू से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस मामले की जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी में ओझा-गुनी और अंधविश्वास से जुड़ा पहलू सामने आया है. पुलिस हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और घटना के पूरे घटनाक्रम का पता लगाने में जुटी है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं.
इस दोहरे हत्याकांड से बाबईदा गांव में सनसनी फैल गई है. घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के नाम पर होने वाली हिंसा और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता की जरूरत पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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