Bhagalpur : साइबर अपराध के खिलाफ भागलपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.20 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इस मामले में गिरोह के कथित मास्टरमाइंड मो. गुफरान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क देश के कई राज्यों और विदेशों तक फैला हुआ था।
विशेष टीम की भूमिका
एसपी के निर्देश पर साइबर अपराध थाना भागलपुर में दर्ज मामले की तकनीकी जांच शुरू की गई। नगर एसपी की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने डिजिटल ट्रेल और बैंकिंग लेन-देन की गहन पड़ताल की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम पहले विभिन्न खातों में घुमाई जाती थी और फिर विदेशों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
आरोपी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
तकनीकी अनुसंधान के दौरान पता चला कि आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। गिरोह के तार दुबई समेत कई विदेशी शहरों से जुड़े थे। आरोपी पीड़ितों को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर झांसा देता था। फोन या वीडियो कॉल पर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डराया-धमकाया जाता और कथित जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे।
मधुबनी में गिरफ्तारी
विशेष टीम ने मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र अंतर्गत छिछुआडीह गांव में छापेमारी कर आरोपी मो. गुफरान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर अंततः विदेश भेजता था। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें डिजिटल साक्ष्य होने की संभावना है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। संभावित ठिकानों पर छापेमारी और बैंक खातों व डिजिटल वॉलेट्स की जांच भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जनता के लिए चेतावनी
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज के जरिए खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले लोगों से सावधान रहें। डर या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत नजदीकी साइबर थाना या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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