जोहार लाइव ब्यूरो
पटना : जनता दल (यूनाइटेड) ने मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पार्टी ने उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा भी की है. इसके साथ ही पूर्व विधायक नीलम देवी को भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से 24 अक्टूबर को जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि अनंत सिंह लगातार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना कर रहे थे. उन पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है.
आदेश के अनुसार, हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह ने पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ काम किया और दूसरे दल के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार किया. इन गतिविधियों को पार्टी विरोधी मानते हुए उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है.
वहीं, पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में रद्द कर दी गई है. उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है.
जदयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की है. हालांकि, सदस्यता समाप्त करने पर अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष को लेना होगा.
साल 2015 से चली आ रही है अनंत सिंह और नीरज कुमार की अदावत
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक टकराव पुराना है. वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू ने मोकामा सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था, जबकि अनंत सिंह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे थे. उस चुनाव में अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराया था. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक विरोध लगातार सामने आता रहा.
वर्ष 2019 में अनंत सिंह के पैतृक गांव लदमा स्थित आवास से एके-47 राइफल, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद होने के मामले ने दोनों के बीच विवाद को और बढ़ाया. अनंत सिंह ने इस मामले में नीरज कुमार पर उन्हें फंसाने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था. नीरज कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया था. जून 2022 में विशेष अदालत ने अनंत सिंह को इस मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी. हालांकि, अगस्त 2024 में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया.
विधान परिषद चुनाव में खुलकर आमने-सामने आए दोनों नेता
ताजा विवाद पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर शुरू हुआ. जदयू ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज कुमार सिंह का समर्थन किया. अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार भी किया. दोनों नेताओं के बीच चुनाव प्रचार के दौरान बयानबाजी तेज हो गई.
पार्टी नेतृत्व की ओर से विवाद सुलझाने की कोशिशों के बावजूद मतभेद दूर नहीं हुए. आखिरकार 24 अक्टूबर को जदयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा भी की.

