रांची. रांची के नामकुम में राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने SIT गठित कर जांच कराने की मांग की है. उन्होंने रविवार को रिम्स परिसर पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की. इस दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकारी कर्मचारी अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का भरोसा कौन देगा?
अर्जुन मुंडा ने कहा कि अरगोड़ा अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की धारदार हथियार से हत्या की घटना बेहद दुखद और निंदनीय है. यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है. उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और सरकार को जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए.
अर्जुन मुंडा ने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी की उसके घर में हत्या होना गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने मामले की SIT जांच कराने, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. अब इस मामले में पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी.
बता दें, लक्ष्मीकांत मुंडा का शव 24 अक्टूबर को रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार स्थित तेतरी टोली में उनके घर के किचन में मिला था. वह अरगोड़ा अंचल कार्यालय में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे और घर में अकेले रहते थे. शनिवार को कार्यालय नहीं पहुंचने और फोन पर संपर्क नहीं होने के बाद सहकर्मियों ने उनकी तलाश शुरू की. इसी दौरान उनके घर में शव मिलने की जानकारी सामने आई.
घटना के बाद जांच के दौरान घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और हार्ड डिस्क गायब होने की बात सामने आई. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू की. हत्या के पीछे की वजह का अब तक आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है.
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