जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड में लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह कहीं ठंढा सा हो गया था. लेकिन चीजें बदलनी शुरू हुई हैं. पहले जेपीएससी छात्र आंदोलन में सक्रियता और अब लंबे अरसे बाद हुए प्रदेश कार्यसमिति की बैठक.
शनिवार 24 अक्टूबर को जब पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे, लग रहा था वो अपने कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरने और वर्तमान सरकार को घेरने के लिए चाबी भर रहे थे.
कभी टीस का जिक्र तो कभी ताकत का एहसास. टीस इस बात की कि जब भी बिहार से यूपी, यूपी से झारखंड और फिर झारखंड से ओडिशा की तरफ जाता हूं, तो बस एक बात की कसक रह जाती है कि झारखंड कब भगवामय होगा.
वो याद दिला रहे थे कि संयुक्त बिहार के समय अगर बीजेपी कहीं मजबूत थी, इसी झारखंड में, इसी वनांचल में. वो याद दिला रहे थे, कार्यकर्ताओं को एक बार फिर अपने उस पुराने दौर और उस दौर की ताकत को.
बता दें, बहुत लंबे अरसे के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पहली बार कार्यसमिति की बैठक हो रही है. तीन दिनी कार्यक्रम का नेतृत्व करने आए नितिन नबीन ने प्रदेश बीजेपी को नई ऊर्जा भरने के साथ कई टास्क भी दे दिया है.
उन्होंने माना कि पार्टी के नेतृत्व, कार्यकर्ताओं और आम जन के साथ संवाद कम हुआ है. कहा, भले ही बीजेपी की सरकार झारखंड में न हो, लेकिन झारखंड के लोगों के मुद्दे तो बीजेपी की हैं. उनको लेकर आम जन के साथ संवाद स्थापित करें. उन मुद्दों को लेकर सड़क से कोर्ट तक जाएं. कार्यकर्ता हर लड़ाई के लिए तैयार रहें. साफ कहा, हर कोई जानता है जिस दिन बीजेपी के कार्यकर्ता संकल्प ले लेंगे, उस दिन झारखंड भी बेजीपी का होगा.
कार्यसमिति को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा, इस राज्य को हमारे नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाया था. इसे हम ही संवारेंगे, बनाएंगे और बढ़ाएंगे. अगर बीजेपी के कार्यकर्ता अपने संगठन के दायित्व को, भूमिकाओं को सही ढंग से निर्वहन करने का संकल्प ले लेता है, तो उसे कोई ताकत रोक नहीं सकती. इसके लिए हमारी सक्रियता, संवाद और संगठन में कार्यकर्ताओं के साथ संबंध को बेहतर तरीके से करने की आवश्यकता है.
पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, हमारा सौभाग्य है कि हमें ऐसा नेतृत्व मिला, जिसने न केवल बीजेपी को, न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को दिशा देने का काम किया है. शायद इस नेतृत्व के ताकत से, विचार से, सोच से, कार्यशैली से हम बेजपी को उस सपनों के साथ गढ़ना चाहते हैं. जिसमें पंचायत से पार्लियामेंट तक भगवा कैसे लहराएं, इसकी चिंता हमें करनी है.
सरकार न होने का कसक संकल्प के रूप में बाहर आए
कार्यकर्ताओं में निराशा के भाव को कम करने के उद्देश्य से उन्होंने हालिया बंगाल चुनाव और उसके परिणामों का जिक्र किया. नितिन नबीन ने कहा, हाल ही में पश्चिम बंगाल का चुनाव हुआ. वहां विपरीत परिस्थितियों में हमारे कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया. संघर्ष के दिनों में किस प्रकार से हमारे लोगों ने अपने परिवार को खोया, महिलाओं ने अपने सम्मान को खोया, कितनी यातनाएं सही. कम्यूनिस्ट की सरकार से ममता की सरकार तक, हमारे कार्यकर्ताओं ने गंभीर परिणामों को झेला, लेकिन किसी ने हार नहीं मानी. इसलिए इस जीत का श्रेय उन कार्यकर्ताओं को जाता है.
उन्होंने कहा, झारखंड में बीजेपी की सरकार के न होने का कसक इस कार्यसमिति की बैठक से संकल्प के रूप में निकल कर आना चाहिए. एक मिशन के रूप में जानी चाहिए, जो गढ़ था बीजेपी का, उसे हमको पूरी ताकत से, पूरी शिद्दत से दुबारा हासिल करना होगा.
इसके लिए घबराने की आवश्यकता नहीं है. यहां सरकार हो न हो, हमारे पास मोदी का नेतृत्व है. विकास की योजनाएं हैं, हमारी कार्यशैली है. हम वैसे कालखंड में हम काम कर रहे हैं, जहां परिस्थियां बहुत अनुकूल हैं. हम झारखंड के कोने-कोने तक फैले हैं, बस अपनी पूरी ताकत लगा देनी होगी. मोदी का नेतृत्व होना हमारे लिए वरदान है.
उन्होंने कहा, 15 नवंबर को जब हम इस राज्य का स्थापना दिवस मनाते हैं, उस दिन को भी जनजातीय गौरव दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है, यह भी मोदी की देन है. देश को पहला आदिवासी समाज का राष्ट्रपति मिला तो बीजेपी के नेतृत्व की वजह से मिला. इसकी चर्चा समाज में होती है, इस बात से कार्यकर्ताओं को खुद को जोड़ने और उसको समेटने की जरूरत है. दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत की शूरूआत इसी झारखंड से हुई है.
विदेशी टूलकिट के इशारे पर नाच रहे हैं राहुल गांधी
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, आज संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने का काम किया जा रहा है. लोकतंत्र को चुनौती देने का प्रयास किया जा रहा है. जो आज संविधान की दुहाई देते हैं, उन्हीं लोगों ने संविधान के पन्नों को तार – तार किया है. हमने देखा है कई राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगा देना, इमर्जेंसी का दौर, किसी प्रकार के अनैतिक निर्णय लेने की प्रकिया रही हो, कांग्रेस ने हमेशा संविधान नहीं, परिवार के नियमों के हिसाब से देश को चलाने का प्रयास किया.
उन्होंने आगे कहा, हमने बिहार में देखा, वोटर लिस्ट में दावा आपत्ति के लिए पूरे 60 दिन दिया जाता है, क्या कांग्रेस के किसी कार्यकर्ता ने दावा आपत्ति दर्ज किया? किसी एक भी कार्यकर्ता ने नहीं किया. बिहार में 38 जिले हैं, उससे भी कम कंप्लेन किया गया. क्या तब कांग्रेस के कार्यकर्ता सोए थे? क्योंकि उन्हें पता था, केवल वोट चोरी का आरोप लगाना है, फिर उसी आरोप के साथ मैदान में उतरे हैं.
राहुल गांधी टूलकिट की तरह काम कर रहे हैं, यह टूलकिट विदेशों से ऑपरेट हो रहा है. इनको लगता था जैसे बांग्लादेश नेपाल को स्थिर किया गया, उसी तरह भारत को करेंगे, ये पूरी तरह एक्सपोज हो गए. उन्होंने कहा कि यह रिजिम बदलेंगे, यह मोदी के रहते इतना आसा नहीं है.
झारखंड बीजेपी को दिया टास्क
नितिन नबीन ने राज्य के नेताओं, खासकर युवा नेताओं को केंद्र में रखकर कई बातें कही. उन्होंन कहा, झारखंड बीजेपी ने यहां के छात्रों की आवाज को पूरे दमखम के साथ उठाया है. जिन छात्रों पर अत्याचार हुआ है, उनके लिए सड़क से कोर्ट तक खड़ा रहना है. भले ही चुनाव के आंकड़े उनके पक्ष में रहे हो, लेकिन मुद्दे उनके पक्ष में नहीं रहे. हम कभी नहीं मानेंगे कि चुनाव के परिणाम मुद्दे से भटका देते हैं. इन्हीं मुद्दों में ताकत है.
पार्टी ने तय किया है हम स्थानीय मुद्दों को लेकर आगे जाएंगे. उन मुद्दों की लड़ाई को मंडल से लेकर राज्य स्तर तक जाएंगे. यही लड़ाई हमें ताकत देगा, इसी के बूते हम बीजेपी को यहां खड़ा कर पाएंगे. हम तय करेंगे कैसे स्तर दर स्तर लड़ाई लड़ें और विधानसभा चुनाव में उतरें.
भ्रष्टाचार, लॉ एंड ऑर्डर, को जनता के साथ खड़ा होना होगा. बीजेपी की सरकार झारखंड में बनाने के लिए सभी को अपने लक्ष्य कमल के निशान को आगे रखकर लड़ाई लड़नी है. फिर से बीजेपी का गढ़ झारखंड को बनाना है.
वो दस टास्क, जो नितिन नबीन ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को दिए
1. जनता के साथ संवाद
2. कार्यक्रमों को जमीन तक उतारें
3. कांग्रेस की देश विरोधी नीतियों को जनता तक पहुंचाएं
4. छात्रों के लिए सड़क से कोर्ट तक लड़ें
5. केंद्र की योजनाओं को लाभ आम जन तक पहुंचाने में मदद करें
6. इन सब की चर्चा जनता के बीच करें
7. संगठन को समय दें
8. संवाद और संबंध कम हुए हैं, जिलों में मंडलों में प्रवास करें
9. पीएम के 25 साल के कामकाज को आम जनता के बीच लेकर जाएं
10. झारखंड को फिर से भगवामय करने का संकल्प लें
झारखंड बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन तीन दिवसीय दौरे पर हैं. 23 से 25 तक होनेवाले विभिन्न दौर की बैठकों में शामिल हो रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कई बातें कहीं…
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