जोहार लाइव ब्यूरो
रांची. झारखंड से होकर बिहार और ओडिशा के बीच बसों से सफर करना आसान हो सकता है. तीनों राज्यों के बीच बस परिचालन के लिए 46 रूट का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इनमें रांची, जमशेदपुर, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, चाईबासा और हजारीबाग से होकर गुजरने वाले मार्ग भी शामिल हैं. इन बसों के चलने से ओडिशा के अलग-अलग शहर बिहार के पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों से जुड़ सकेंगे.
झारखंड सरकार के परिवहन विभाग ने तीनों राज्यों के बीच पारस्परिक परिवहन समझौते का मसौदा जारी किया है. झारखंड गजट में 23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अधिसूचना के तहत आम लोगों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों से 30 दिनों के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे गये हैं.
रांची, टाटा और सिमडेगा होकर गुजरेंगी बसें
प्रस्तावित मार्गों में भुवनेश्वर-पटना, राउरकेला-भागलपुर, राउरकेला-गया, राउरकेला-पटना, रायरंगपुर-दरभंगा, बालासोर-पटना और झारसुगुड़ा-हाजीपुर जैसे रूट शामिल हैं. गजट के अनुसार, कई बसें रांची और जमशेदपुर से होकर गुजरेंगी. वहीं, कुछ मार्ग सिमडेगा, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, चाईबासा, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा और डालटनगंज से होकर तय किये गये हैं. बोकारो, धनबाद, जामताड़ा और दुमका के इलाके भी कुछ रूटों में शामिल हैं.
ओडिशा के शहरों से बिहार के बक्सर, आरा, सासाराम, सीवान, नवादा, राजगीर और छपरा तक बस चलाने का भी प्रस्ताव है. हालांकि, हर शहर से सीधे बस मिलने का दावा नहीं किया गया है. बसों का रास्ता संबंधित रूट में दर्ज पड़ावों के अनुसार होगा.
राउरकेला से बक्सर तक 307 किमी, पटना तक 558 किमी का रूट
मसौदे में हर मार्ग की कुल दूरी के साथ ओडिशा, झारखंड और बिहार में पड़ने वाली दूरी अलग-अलग दर्ज की गयी है. राउरकेला से बक्सर का प्रस्तावित रूट 307 किलोमीटर, राउरकेला से गया 353 किलोमीटर, राउरकेला से पटना 558 किलोमीटर और राउरकेला से भागलपुर 481 से 640 किलोमीटर तक की दूरी दर्ज है.
इसके अलावा बालासोर से पटना की दूरी 741 किलोमीटर, रायरंगपुर से पटना की 780 किलोमीटर, झारसुगुड़ा से पटना की 726 किलोमीटर और झारसुगुड़ा से सीवान की 721 किलोमीटर दर्ज है. भुवनेश्वर से पटना के लिए 870 किलोमीटर और पुरी से पटना के लिए 895 किलोमीटर का रूट भी प्रस्ताव में शामिल है.
ज्यादातर रूटों पर 10-10 परमिट का प्रस्ताव
गजट की दूसरी और तीसरी सूची में शामिल प्रत्येक रूट के लिए ओडिशा और बिहार की ओर से 10-10 परमिट और 10-10 ट्रिप का प्रस्ताव है. भुवनेश्वर-पटना और रायरंगपुर-बिहारशरीफ रूट पर ओडिशा की ओर से परमिट और ट्रिप शून्य दर्ज हैं, जबकि बिहार की ओर से एक-एक परमिट और ट्रिप का प्रावधान है. राउरकेला-डेहरी रूट पर दोनों राज्यों की ओर से दो-दो परमिट और ट्रिप प्रस्तावित हैं. अन्य संबंधित रूटों पर एक-एक परमिट और ट्रिप का प्रावधान है.
गजट में प्रकाशित मसौदे के अनुसार, प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर आपत्ति और सुझाव परिवहन विभाग के सचिव, एफएफपी बिल्डिंग, धुर्वा, रांची के समक्ष दिये जा सकते हैं. अधिसूचना में कहा गया है कि सचिव इन पर अगले 30 दिनों के भीतर सुनवाई करेंगे. इसके बाद समझौते पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी.
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