मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में रविवार को लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन हुआ . ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने आंध्र भवन सर्किल से जंतर-मंतर की ओर मार्च किया. पुलिस ने रास्ते में भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच थोड़ी देर के लिए झड़प हुई.
प्रदर्शन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल थीं. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उन्हें पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश करते हुए देखा गया. पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे.
यह हिरासत नहीं, किडनैपिंग है
आज का प्रदर्शन शनिवार की कार्रवाई के बाद हुआ. शनिवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे करीब 150 लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. इनमें AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण तथा कपिल सिब्बल समेत कई लोग शामिल थे.
प्रदर्शनकारियों को पटेल चौक से जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी. हिरासत में लिए गए लोगों को दिल्ली के अलग-अलग पुलिस थानों में ले जाया गया और पुलिस के मुताबिक बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.
हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा बोरा के आधिकारिक X अकाउंट से एक पोस्ट किया गया. इसमें लिखा गया, “Where is Delhi Police taking Neha on their own? This is not detention it is kidnapping!” यानी, “दिल्ली पुलिस नेहा को अपनी मर्जी से कहां ले जा रही है? यह हिरासत नहीं, किडनैपिंग है.”
पुलिस ने अनुमति नहीं मिलने और धारा 163 का दिया हवाला
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने और नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने का हवाला दिया है. पुलिस के मुताबिक इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों का जमावड़ा, जुलूस, प्रदर्शन, धरना और नारेबाजी बिना लिखित अनुमति के प्रतिबंधित थी. जंतर-मंतर और निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी.

पुलिस ने शुक्रवार के प्रदर्शन को लेकर तीन FIR भी दर्ज की हैं. दो FIR संसद मार्ग थाने और एक FIR कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई. इनमें लोक सेवक के आदेश की अवहेलना, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा, सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक बल के इस्तेमाल और साझा मंशा से किए गए कृत्य से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. पुलिस के अनुसार FIR में फिलहाल किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया है.
बीते 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं. इनमें BNS की धारा 223(a), 221, 132 और 3(5) लगाई गई हैं. पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन किया और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली.
वहीं, 3 अक्टूबर को प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने भी पुलिसकर्मियों पर कथित बदसलूकी के आरोप लगाए हैं. दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा है.
और आज यानी 4 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के करीब 25 कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. इनमें दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा शामिल हैं.
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