दिल्ली में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में दोपहर करीब 1:30 बजे एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई. यह घटना दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से बिल्कुल सटे इलाके में, मोती बाग स्थित शिव मंदिर के पास हुई.
दरअसल, बीते कुछ दिनों से दिल्ली में लगातार बारिश हो रही थी, माना जा रहा है कि इसी वजह से इमारत की नींव कमजोर पड़ गई और वह ढह गई. इमारत में लड़कों-लड़कियों का हॉस्टल और पीजी चल रहा था, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे. इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि मलबे में कई छात्र दबे हो सकते हैं. एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक वहां करीब 25 से 30 बच्चे मौजूद थे, वहीं एक अन्य चश्मदीद ने 50 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका जताई है.
हादसे की खबर मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस की टीमें फौरन मौके पर पहुंच गईं. घटनास्थल पर 5 से 8 दमकल गाड़ियां तैनात कर दी गईं और मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. पुलिस-प्रशासन के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग और NSUI के कार्यकर्ता हाथों और हथौड़ों से मलबा हटाकर लोगों को बचाने में जुट गए थे.
अब तक की जानकारी के मुताबिक, कुछ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि कुछ शव भी मलबे से बरामद हुए हैं और आशंका है कि और शव मिल सकते हैं. घायलों को तुरंत आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि इमारत में बेसमेंट का निर्माण कार्य भी चल रहा था, जिसे हादसे की एक वजह माना जा रहा है.
हादसे के बाद एहतियातन आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया गया है, ताकि किसी और अनहोनी से बचा जा सके. मलबे में कुछ गाड़ियां भी दबी हुई हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और मलबे के अंदर से लोगों की आवाज़ें अब भी सुनाई दे रही हैं.
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